बांदा। रोडवेज बसों की जांच दस्ते की लोकेशन देने के लिए परिचालकों ने रूट के साथियों का व्हाट्सएप ग्रुप बना रखा है। इसकी मदद से बिना टिकट सवारियां और बिना बुकिंग के माल की लोडिंग बसों में की जा रही है। इससे विभाग को चूना लग रहा है। अधिकारियों ने ऐसे ग्रुप को पकड़ा है, जिसके 48 परिचालकों को नोटिस जारी किया है।
परिवहन निगम में जांच दल और अफसरों की लोकेशन बताने वाला ग्रुप सक्रिय है, जो व्हाट्सएप पर जांच दल के रवाना होने की परिचालकों को सूचना देता है। परिचालक इस सूचना को एक-दूसरे परिचालकों को देते है। सितंबर में ऐसे व्हाट्सएप ग्रुप की जानकारी मिलने पर एआरएम ने सभी परिचालकों को सचेत किया था कि वह ऐसे किसी भी ग्रुप में शामिल पाए गए तो उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी, लेकिन परिचालक नहीं मान रहे और राजस्व चोरी के लिए व्हाट्सएप ग्रुप का सहारा ले रहे है।
बताया जाता है कि व्हाट्सएप ग्रुप के मुखिया ने आरएम, एआरएम और जांच दल के निरीक्षकों के आसपास अपने आदमी लगा रखे हैं। जैसे ही जांच दल व अधिकारी जांच के लिए निकलते हैं, सूचना व्हाट्सएप पर जारी हो जाती है।
इधर, एआरएम कमल किशोर ने जांच में ऐसे ही व्हाट्सएप ग्रुप मेंं 48 संविदा परिचालकों को सक्रिय पाए जाने पर नोटिस जारी कर तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही परिचालकों को निर्देश दिए हैं कि वह 100 रुपये के स्टांप इस आशय का नोटरीयुक्त शपथ दें कि वह इस तरह के किसी भी व्हाट्सएप ग्रुप में सक्रिय नहीं है और न ही वह भविष्य में ऐसे व्हाट्सअप ग्रुप में सक्रिय रहेंगे। अन्यथा उनके खिलाफ संविदा समाप्त करने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।