बांदा। नए वित्तीय वर्ष यानी अगले माह अप्रैल से बुंदेलखंडियों को जल मूल्य वृद्धि का झटका लग सकता है। मौजूदा जल मूल्य में करीब 40 फीसदी वृद्धि की तैयारी है। हालांकि अभी शासन से मंजूरी नहीं मिली है, लेकिन जल संस्थान की ओर से प्रस्ताव भेजा जा चुका है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक करीब 17 साल से जल मूल्य में वृद्धि नहीं हुई है। चित्रकूटधाम मंडल में 1.27 लाख उपभोक्ता हैं।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जल मूल्य की अलग-अलग दरें निर्धारित हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति उपभोक्ता 30 रुपये प्रति माह, नगर पंचायत में 72.95 रुपये प्रतिमाह और नगर पालिका परिषद में 120 रुपये प्रति माह जल मूल्य वसूला जाता है। अब इसमें 30 से 40 फीसदी वृद्धि की तैयारी है। शासन के निर्देश पर जल संस्थान ने प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है।
अब जल मूल्य वृद्धि की गेंद शासन के पाले में है। माना जा रहा है कि अगले वित्तीय वर्ष 2023-24 में जल मूल्य में वृद्धि हो सकती है। जल संस्थान अफसरों के मुताबिक चार माह पूर्व से जल मूल्य वृद्धि को लेकर शासन स्तर पर कवायदें चल रही हैं। मंजूरी मिलने के साथ ही बढ़ोतरी लागू हो जाएगी।
इस बढ़ोतरी का सीधा असर चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों के करीब 1.27 लाख उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। प्रस्ताव मंजूर होने पर नगरीय क्षेत्र के लोगों को लगभग 50 रुपये प्रति माह अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। नए टैरिफ के हिसाब से 120 रुपये प्रति माह की जगह 170 रुपये जल मूल्य अदा करना होगा। जल संस्थान विभाग लंबे समय से जल मूल्य वृद्धि का मुद्दा उठा रहा है।
चार्ट
चित्रकूटधाम मंडल में जल संस्थान में दर्ज उपभोक्ताओं का ब्योरा
जिला नगरीय ग्रामीण कुल
बांदा 27687 11658 39345
चित्रकूट 12175 11159 23334
हमीरपुर 30508 16665 47173
महोबा 13918 3818 17736
योग 84288 43300 127588
इनसेट
जल मूल्य से ही होते हैं मरम्मत जैसे कार्य
जल मूल्य वृद्धि को लेकर जल संस्थान समय से कवायदों में जुटा है। विभाग का कहना है कि वर्ष 2006 में लागू दरें ही अभी तक वसूली जा रही हैं। समय के साथ खर्च में वृद्धि हुई है। लिहाजा दरों में भी वृद्धि जरूरी है। अफसरों के मुताबिक जल मूल्य वसूली से ही मरम्मत समेत विभिन्न कार्य किए जाते हैं। शासन से अतिरिक्त बजट नहीं मिलता। नतीजतन 17 साल पुरानी दरों को संशोधित करने की जरूरत है।
वर्जन...
जल मूल्य में वृद्धि के लिए शासन से प्रस्ताव मांगा गया था। विभाग ने भेज दिया है। जल मूल्य वृद्धि का निर्णय शासन को लेना है। उपभोक्ताओं से मिलने वाले जल मूल्य से ही विभाग के सारे खर्च पूरे होते हैं। आबादी बढ़ने के साथ जल मूल्य में वृद्धि भी जरूरी है। -पुरुषोत्तम कुमार, महाप्रबंधक, जल संस्थान, चित्रकूटधाम मंडल, बांदा।