बांदा। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारी प्रतिदिन गैर कानूनी आदेश पारित कर रहे हैं। इसी तल्ख टिप्पणी के साथ हाईकोर्ट ने चित्रकूटधाम मंडल के मंडलायुक्त के पारित आदेश को स्थगित कर दिया। प्रदेश के मुख्य सचिव को इस पर कार्रवाई करके अगली तिथि पर हाईकोर्ट को रिपोर्ट देने का आदेश दिया है।
राजापुर (चित्रकूट) की सुमन मिश्रा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी कि उसके पति उचित दर दुकान का संचालन कर रहे थे। इसी बीच उनकी मृत्यु हो गई। दुकान किसी अन्य को आवंटित कर दी गई। इस आवंटन आदेश के खिलाफ सुमन ने मंडलायुक्त (चित्रकूटधाम) के यहां अपील की। इस पर आयुक्त ने आवंटन आदेश पर स्टे (स्थगन) दे दिया। सुमन ने याचिका में कहा कि आयुक्त ने अगली निर्धारित तारीख से पहले ही उसे (याचिकाकर्ता ) सूचना दिए बगैर अवैधानिक आदेश पारित करके अपना स्थगन आदेश वापस ले लिया।
सुनवाई के बाद हाईकोर्ट न्यायाधीश न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल द्वारा बुधवार को जारी आदेश में कहा कि प्रदेश के अफसरों की ओर से रोजाना गैर कानूनी आदेश पारित किए जा रहे हैं, जिसका यह स्पष्ट उदाहरण है। न्यायाधीश ने इस आदेश की प्रति तीन दिन के अंदर मुख्य सचिव को भेजकर उन्हें कार्रवाई करने का आदेश दिया है। पक्षकारों को तीन हफ्ते में जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। अगली सुनवाई के लिए 26 जुलाई निर्धारित की है। याचिकाकर्ता की तरफ से हाईकोर्ट के अधिवक्ता अशोक गुप्ता और आकाश किशन ने पैरवी की।