बांदा जिले में किशोरी के साथ छेड़छाड़ के दोषी को सीजेएम भगवानदास गुप्ता की अदालत ने दो वर्ष की की जेल और 10,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।सहायक अभियोजन अधिकारी सुरेन्द्र शर्मा ने बताया कि तिंदवारी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी के पिता ने पुलिस महानिदेशक लखनऊ को पत्र लिखकर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की थी।
पुलिस महानिदेशक के निर्देशानुसार 7 अप्रैल 2004 को दोषी पप्पू उर्फ प्रमोद द्विवेदी पुत्र काशी प्रसाद द्विवेदी निवासी ग्राम गोधनी के विरुद्व तिंदवारी थाने में मामला दर्ज किया गया था। पीड़ित ने तहरीर में बताया था कि 3 जनवरी 2004 को बेटी हैंडपंप पर पानी भरने गयी थी। इसी दौरान पप्पू उर्फ प्रमोद व दो अज्ञात जो दो नाली बन्दूक लिए थे वहां खड़े थे। पुत्री से पप्पू ने छेड़छाड़ की। इसी दौरान गांव के लोग आ गए।
पुत्री को प्रमोद के चंगुल से छुड़ाया। उसने फायर करते हुए जान से मारने की धमकी दी। विवेचक ने मामले का आरोप पत्र अदालत में पेश किया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से गवाह कराए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों व अधिवक्ताओं की दलीले सुनने के बाद मजिस्ट्रेट ने पप्पू को सजा सुनाई।