बांदा। बेटी के नाम मायके पक्ष ने एक लाख रुपये बैंक में फिक्स नहीं कराए तो शौहर ने अपनी पत्नी को तीन तलाक दे दिया। महिला ने पति समेत छह ससुरालियों पर मुस्लिम विवाह अधिकारों की सुरक्षा के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मर्दननाका मोहल्ला निवासी सुमइया ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि उसकी शादी 15 मई 2022 को कानपुर के नवगवां गांव निवासी माेहम्मद अली उर्फ भूरी से हुई थी। शादी के बाद से ससुराली उसे सही से नहीं रखते थे। उसका उत्पीड़न करते थे। उसके एक बेटी हुई। जिस पर ससुराली उसके मायके से बेटी के नाम एक लाख रुपये बैंक में फिक्स कराने के लिए अड़े रहे।
इसी मांग के चलते 16 अगस्त 2024 को उसके पति ने उसके मायके में ही उसे तीन तलाक कहकर तलाक दे दी। महिला की तहरीर पर पति मोहम्मद अली, ससुर सगीर, सास शकीला, जेठ सरताज, देवर गुलजार व ननद शाइस्ता के खिलाफ मुस्लिम विवाह अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है। शहर कोतवाल पंकज सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।