चित्रकूट। जिले में चल रही खटारा प्राइवेट बसों में यात्री अपनी जान जोखिम में डाल कर चलते हैं। कई ऐसी बसें हैं जो बहुत ज्यादा क्षतिग्रस्त हो गई हैं। कब इनका इंजन खराब हो जाए कोई ठिकाना नहीं रहता है। आए दिन बीच रास्ते में खड़ी हो जाती है।
इससे यात्रियों को समस्या का सामना करना पड़ता है। इस मार्ग की खासियत है कि इसमें दस प्राइवेट बसें चलती हैं। दो रोडवेज बसें भी चलती हैं लेकिन वह सिर्फ सुबह चलती हैं ऐसे में दिनभर प्राइवेट वाहनों के ही भरोसे यात्री रहते हैं।
जिले में कर्वी मानिकपुर प्राइवेट बसें व डग्गामार वाहन चलते हैं। प्राइवेट बसों में मनमाना किराया भी यात्रियों से वसूला जाता है। कर्वी से मानिकपुर तक 50 रुपये लेने का नियम इस समय बना हुआ है। बाहरी यात्रियों से दबाव बनाकर अधिक वसूली की जाती है, यदि कोई यात्री बीच रास्ते में मिल गया तो उससे भी 50 रुपये वसूलते हैं।
एआरटीओ विवेक कुमार शुक्ला ने बताया कि वाहनों की जांच का क्रम विभाग का चलता रहता है। मानिकपुर मार्ग पर चलने वाली बसों का परमिट, फिटनेस व बीमा की जानकारी के लिए अभियान चलाया जाएगा।