कमासिन। प्राथमिक विद्यालय नंदन डेरा के शौचालय पर ताला लगा होने से कक्षा तीन का छात्र स्कूल से जुड़े खुले मैदान में लघुशंका करने गया। वहां जमीन पर दो दिन से टूटे पड़े बिजली के सपोर्टिंग तार में करंट आने से वह चपेट में आ गया। बचाने में महिला शिक्षामित्र और सहायक अध्यापक भी करंट की चपेट में आ गए। विद्यालय स्टाफ ने ग्रामीणों की मदद से तीनों को सीएचसी पहुंचाया। डॉक्टरों ने छात्र को मृत घोषित कर दिया। शिक्षामित्र व सहायक अध्यापक को भर्ती किया है।
थाना क्षेत्र में कस्बे से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर दक्षिण में प्राथमिक विद्यालय नंदन डेरा है। यहां कक्षा तीन के छात्र सेनजीत यादव (12) सोमवार को करीब सुबह नौ बजे लघु शंका के लिए स्कूल से लगे खुले मैदान में चला गया। वहां जमीन पर दो दिन से टूटे बिजली के सपोर्टिंग तार के करंट की चपेट में आ गया। वह गिरकर तड़पने लगा।
कुछ दूरी पर दूसरा छात्र भी लघु शंका करने गया था। उसने सेनजीत को तड़पते देखा तो अध्यापकों को बताया। इस पर शिक्षामित्र रविता देवी ने पहुंचकर सेनजीत को घसीटने की कोशिश की तो वह भी करंट की चपेट में आ गई। उन्हें बचाने में सहायक अध्यापक धर्मेंद्र सिंह को भी करंट लग गया। उसी समय अचानक बिजली गुल होने से तीनों को एंबुलेंस से सीएचसी ले जाया गया। डॉक्टर ने सेनजीत को मृत घोषित कर दिया। शिक्षामित्र रविता को प्राथमिक उपचार के बाद बांदा रेफर कर दिया। अध्यापक धर्मेंद्र का सीएचसी में ही इलाज किया गया।
थानाध्यक्ष राजेश मौर्य ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। मृतक पक्ष की ओर से तहरीर नहीं दी गई है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। छात्र के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
वर्जन...
कमासिन के नंदना डेरा में बिजली विभाग की लापरवाही से हादसा हुआ है। दो दिन से स्कूल के बाहर बिजली का तार टूटा पड़ा है। जानकारी के बावजूद नहीं हटवाया गया। इसके लिए बिजली विभाग के एक्सईएन व जिलाधिकारी को पत्र भेज रहे हैं। -अव्यक्तराम तिवारी, बीएसए।