फोटो - 06 दीवानी न्यायालय परिसर में बैठक कर निंदा प्रस्ताव पास करते कर्मचारी।
बांदा। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति पर अधिवक्ता द्वारा जूता फेंकने की घटना की न्यायिक कर्मचारियों ने घोर निंदा की।
दीवानी न्यायालय परिसर में बैठक कर प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारियों ने निंदा प्रस्ताव पास किया। प्रशासनिक अधिकारी मनोज जैन ने घटना को घृणित, अमर्यादित एवं निंदनीय बताया। सहायक प्रशासनिक अधिकारी जितेंद्र कुमार ने कहां की घटना ने देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था की गरिमा को ठेस पहुंचाई है।सम्पूर्ण न्यायिक व्यवस्था की प्रतिष्ठा को आघात पहुचा है। अभिलेख अधीक्षक व दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ के पूर्व महासचिव रोआब आलम ने इस कृत्य की निंदा की और इसे न्यायपालिका की स्वतंत्रता, गरिमा एवं मर्यादा पर हमला बताया। बैठक में मोतीलाल, सौमित्र श्रीवास्तव, नीरज कुमार, रेनू ओझा मौजूद रहे।