बांदा। किराना दुकानदार की 11 वर्ष पूर्व हत्या करने वाले तीन दोषियों को अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ छोटेलाल यादव की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 23-23 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न देने पर एक-एक वर्ष अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
बिसंडा थाना क्षेत्र के अजीतपारा गांव निवासी बुद्धविलास ने 18 अगस्त 2012 को थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि उसका 26 वर्षीय छोटा भाई चंदन सिंह 18 अगस्त की शाम पांच बजे किराने की दुकान पर बैठा था। गांव के जुगुल सिंह, राजा सिंह का दुकान की उधारी का रुपया बाकी था।
चंदन ने उधारी का रुपया मांगा तो जुगुल सिंह, सबल सिंह उर्फ झरिया, राजा सिंह तमंचा लेकर पहुंच गए। चंदन को दुकान के बाहर घसीट लाए और जुगुल सिंह ने गोली मारकर हत्या कर दी। मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद विवेचक अब्दुल रज्जाक ने आरोप पत्र अदालत में पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से 10 गवाह पेश किए गए।
पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने व अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने अपने 88 पृष्ठीय फैसले में जुगुल सिंह, राजा सिंह, सबल सिंह को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सभी दोषियों को जेल भेजा गया है।