बांदा। विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर मानसिक रोग विभाग की टीम ने राजकीय महिला महाविद्यालय में कार्यशाला का आयोजन किया। इस मौके पर छात्राओं के बीच प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता हुई। मानसिक रोग चिकित्सक ने कहा कि बुंदेलखंड में आत्महत्या की प्रवृत्ति सबसे ज्यादा है। लोगों को सकारात्मक सोच रखनी चाहिए।
राजकीय महिला पीजी कॉलेज में प्राचार्य प्रो. दीपाली गुप्ता व मनोरोग डॉ. हरदयाल ने विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के बारे में बताया। साइकोलॉजिस्ट डॉ. रिजवाना हाशमी ने कहा कि कर्ज के बोझ और फसल की बर्बादी के कारण बड़ी संख्या में किसानों ने आत्महत्याएं कीं। डॉ. जयंती ने कहा कि व्यक्ति की सबसे अच्छी मित्र किताबें हैं। कोई भी अच्छी किताब लेकर उसका अध्ययन जरूर करें। अनुश्रवण एवं मूल्यांकन अधिकारी नरेंद्र मिश्रा ने कहा कि सबसे ज्यादा आत्महत्याएं 15 से 39 वर्ष के लोग कर रहे हैं। कार्यक्रम को प्रवक्ता डॉ. सबीहा रहमानी, डॉ. जितेंद्र व त्रिभुवननाथ ने भी संबोधित किया। कार्यशाला में केस रजिस्ट्री असिस्टेंट अनुपम त्रिपाठी व अशोक कुमार ने प्रश्नोत्तरी कराया और छात्राओं को पुरस्कृत किया।