ग्यारहवीं पर सुपुर्द ए खाक के लिए जाते ताजिया व मौजूद अकीदत मंद। संवाद
नरैनी। मोहर्रम की ग्यारहवीं को कस्बे के सभी ताजियों के साथ भवई गांव का ताजिया भी नरैनी पहुंचा। इसके बाद धार्मिक परंपरा के अनुसार सभी ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस पर अवसर पर जगह-जगह लंगर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एमए हादी नियाजी, अहसान अली, बशीर भवन, सिराज सिद्दीकी, बबलू सहित अन्य लोगों ने खिचड़ा, शरबत व अन्य खाद्य सामग्री का वितरण कर अकीदतमंदों की सेवा की। ग्यारहवीं में विसर्जन के दौरान जमवारा, नसेनी, लहुरेटा, भवई, सराई, कलहरा सहित दर्जनों गांवों के लोग शामिल रहे। जुलूस व ताजिया दफन कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रवीण यादव, प्रभारी निरीक्षक भास्कर मिश्रा सहित पुलिस बल तैनात रहा। कार्यक्रम में हिंदू समुदाय के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर सहभागिता की, जिससे आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल देखने को मिली। पूरे आयोजन के दौरान शांति एवं व्यवस्था बनी रही।