बांदा। दुबई की अबूधाबी जेल में बच्चे की हत्या में बंद शहजादी को किसी भी दिन फांसी पर लटकाया जा सकता है। आगरा ले जाकर दुबई में बेच देने और वहां उसके साथ शारीरिक और मानसिक दुर्व्यवहार की रिपोर्ट बांदा में दर्ज हो गई है। ऐसे में आरोपी पक्ष भी सक्रिय हो गया है।
शहजादी के पिता शब्बीर ने बताया कि अल्लाह न बचाता तो शहजादी दुनिया में नहीं होती। दुबई की अदालत ने फर्जी हत्या के केस में सजा सुनाने के साथ फांसी की तिथि दो मई मुकर्रर की थी, लेकिन फांसी के पहले वहां सैलाब आ गया और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। राजसी परिवार के एक सदस्य की मौत हो जाने पर वहां आठ दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित हो गया और शहजादी की जान बच गई।
पिता ने बताया कि शहजादी को आगरा ले जाकर दुबई में बेच देने व वहां पर उसके शारीरिक और मानसिक दुर्व्यवहार की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद आगरा से लेकर दुबई तक हलचल मच गई है। उसे बेटी के माध्यम से जानकारी मिली है कि आरोपियों ने वहां की अदालत में शहजादी को जल्द फांसी देने की तिथि घोषित करने की याचिका दायर की है।
भारत सरकार ने मदद नहीं की तो बेटी को कभी भी फांसी हो सकती है। उसने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री भारत सरकार को पत्र भेजकर आरोपियों की गिरफ्तारी और दुबई से बेटी की रिहाई कराए जाने मांग की है।
इनसेट...
जो खुद मुसीबत में, वह क्या मारेगी
शब्बीर ने कहा कि दुबई में जिस बच्चे की मौत पर शहजादी को फांसी की सजा सुनाई गई है, उसकी मौत गलत इंजेक्शन के कारण हुई थी। इसमें उसका क्या दोष है। जो खुद ही मुसीबत है वह आखिर क्यों किसी मासूम को मारेगी। उधर, बेटी को फांसी होने के बाद उसके एटीएम से उबैर ने पैसे भी निकाल लिए। इससे स्पष्ट है कि शहजादी के साथ साजिश की गई।
भारत सरकार करे हस्तक्षेप
वनांगना सेवा संस्था की सबीना मुमताज का कहना है कि शहजादी के प्रकरण में भारत सरकार को हस्तक्षेप कर पूरे मामले की पुन: जांच करवाना चाहिए। किसी निर्दाेष को फांसी नहीं होनी चाहिए। इधर, बांदा में दर्ज मुकदमे की न्यायिक जांच की जाए, असलियत सामने आ आए।