बांदा। पिछले चार सालों में 12 दिसंबर को न्यूनतम पारा सामान्य से दो डिग्री नीचे लुढ़ककर पांच डिग्री पर जा टिका। वहीं अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री नीचे रहा। सात किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने वाली सर्द हवाओं ने हड्डियों को कंपा दिया। पश्चिम की हवाओं में नमी बढ़ने से गलन और विकराल हो गई।
नए साल के पहले दिन से शुरू हुई ठंड बढ़ती ही जा रही है। शुक्रवार की सुबह आसमान में घने कोहरे के साथ हुई। दिन के 11 बजे तक आसमान सफेद चादर से ढका रहा। 11 बजे के बाद धूप निकली, लेकिन बफीली हवाओं व गलन के कारण बेअसर साबित हुई। शाम पांच बजे से ही सूर्यदेव बादलों के बीच छुप गए।
ठंड ने जोर पकड़ा तो लोग कंपकंपा गए। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक दिनेश शाहा ने बताया कि शुक्रवार को न्यूनतम पारा सामान्य से दो डिग्री नीचे पांच डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। चार सालों में 12 दिसंबर की सुबह सर्वाधिक ठंडी रही। वर्ष 2021 में न्यूनतम पारा 8 व अधिकतम 20 था। 2022 में न्यूनतम पारा नौ व अधिकतम 21 डिग्री व 2023 में न्यूनतम पारा सात व अधिकतम 19 था।