बांदा/नरैनी। स्वतंत्रता दिवस पर जलीय दुर्ग रनगढ़ घूमने गए केन नदी की जलधारा पार करते समय लापता किशोर का शव बांदा में केन नदी में जल आरती स्थल पर शनिवार को दोपहर उतराता मिला। घटना के 48 घंटे बाद मिले शव को नदी से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
गिरवां थाना क्षेत्र के खुरहंड गांव निवासी सूरज उर्फ नैतिक (17), रज्जन (16), छोटू (16), रोहित (17), संदीप (18), राजू (16) व साहिल (17) स्वतंत्रता दिवस के दिन नरैनी कोतवाली के पनगरा गांव के मजरा शिवपुर स्थित जलीय दुर्ग के नाम से प्रसिद्ध रनगढ़ किला गए थे। ये दुर्ग पर विराजमान महादेव की प्रतिमा के दर्शन करने जाने लगे। केन नदी की जलधारा पार करते समय तेज बहाव में बहने लगे। चरवाहों ने किसी तरह से छह को बचा लिया। लेकिन सूरज गहराई में समा गया।
शनिवार को दोपहर 12 बजे के करीब सूरज का शव पानी में बहता हुआ बांदा शहर के केन नदी स्थित आरती स्थल से जा लगा। वहां नाव खे रहे मल्लाहों ने देखा तो शव को एक चट्टान से बांधकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस और परिजनों ने सूरज के शव की पहचान की है। दादा शिवबरन ने बताया कि सूरज तथागत में इंटर का छात्र था। सूरज का पिता राजेश कुमार गांव में चाय-पान की दुकान रखे हैं। नरैनी कोतवाल सुरेश सैनी ने बताया कि शव को पानी से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।