सद्गुरु टेऊंराम के चालिहा महोत्सव में गुरुद्वारे में थिरकतीं महिलाएं।
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बांदा। सद्गुरु स्वामी टेऊंराम महाराज का चालिहा महोत्सव सिंधी समुदाय ने धूमधाम से मनाया। गुरुद्वारे का सजाया गया और जश्न के बीच उनके चित्र पर फूल चढ़ाए। नगाड़ाें की गूंज पर महिलाएं थिरकतीं रहीं। स्टेशन रोड स्थित सिंधी गुरुद्वारे में मंगलवार को सुबह टेऊंराम महाराज का 130वां जन्मोत्सव और चालिहा महोत्सव एक साथ मनाया गया। बड़ी संख्या में सिंधी समुदाय के पुरुष और महिलाएं शरीक हुए। कानपुर से आए प्रेम प्रकाश मंडल के संत भोला सांई ने दीप जलाकर नगाड़ों, शंख और घंटों की गूंज के बीच कार्यक्रम की शुरूआत कराई। उन्होंने बताया कि टेऊं महाराज का जन्म अषाढ़ के छठे दिन सिंध में खंडू गांव में हुआ था। पिता चेलाराम और माता कृष्णा देवी थी। उन्होंने सनातन धर्म का प्रचार किया। भजन और भोजन यज्ञ की शुरुआत कराई। महोत्सव मेें सांस्कृति कार्यक्रम भी हुए। भजन, गजल की गूंज रही। अमरलाल ने भजन गाया और मानिकचंद अरेजा ने बधाई गीत सुनाया। 130 आरती के थाल सजाकर आरती की गई। लंगर भी हुआ। अमृतलाल आहूजा, प्रेम आहूजा, नानक इसरानी, बालचंद्र भठीजा, मोती पुरसवानी, मूलचंदानी, लालचंद, जीवनलाल सेवलानी, नरेश भठीजा, सुदामालाल आदि शामिल रहे।