लक्ष्य 155 का स्थापित हुईं 18 इकाइयां
- हाल पीएमएफएमई योजना के तहत खाद्य इकाइयों की स्थापना का
- सरकार से इकाई स्थापना पर मिल रहा 35 फीसदी अनुदान
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के तहत जिले में 155 खाद्य इकाइयों की स्थापना होनी थी लेकिन अब तक 18 इकाइयां ही स्थापित हो सकीं हैं। जबकि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में 37 दिन शेष बचे हैं।
कोरोना काल के बाद केंद्र सरकार ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग योजना की शुरूआत की थी। योजना के तहत खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित कराने के साथ ही किसान उत्पादन संगठनों को बढ़ावा देना था। इसके तहत उद्योग लगाने के लिए 35 फीसदी अनुदान और अधिकतम 10 लाख रुपये तक उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया था।
जिले में योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 में 155 इकाइयां लगाने का लक्ष्य रखा गया। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हुई। इसके साथ ही यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भी योजना के तहत उद्यमियों को लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया था। इन सब प्रयासों के बाद भी जिले में अब तक 18 उद्यम ही स्थापित हो सके हैं। ऐसे में लक्ष्य को पूरा करना विभाग के सामने किसी चुनौती से कम नहीं है।
वर्जन
155 लक्ष्य के सापेक्ष 90 से ज्यादा उद्यमियों ने आवेदन किया है। इनमें से 18 को ऋण दिलाकर रोजगार स्थापित करवाया जा चुका है। 20 फाइलें बैंक स्तर पर प्रक्रिया में हैं। - राजेंद्र कुमार, जिला उद्यान अधिकारी
इन उद्योगों के लिए मिलना है अनुदान
स्पेलर, आटा चक्की, मसाला चक्की, दूध डेयरी प्लांट, राइस मिल, धान मशीन, दाल मिल, ब्रेड बेकरी, फ्लोर मिल, पोहा उद्योग, आरओ प्लांट, नमकीन उद्योग, मिठाई उद्योग, मैदा आधारित उद्योग, चिप्स, पापड़, नमकीन, बिस्किट, रेडी टो कुक, नूडल्स पास्ता, आचार, जेम,जेली केचप, मुरब्बा, पॉपकॉर्न मशीन, पापड़, सूखे मसाले, जैसे उद्योग स्थापित कर योजना का लाभ ले सकते हैं।
यह है पात्रता के मानक
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी अनिवार्य है। फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लिए परिवार के एक ही सदस्य को आर्थिक सहायता मिलेगी। आवेदनकर्ता की शैक्षिक योग्यता कम से कम आठवीं या हाईस्कूल होनी चाहिए।
इनको मिलेगा योजना का लाभ
योजना का लाभ उद्यमी के अलावा एफपीओ, एसएचजी, स्वयं सहायता समूह, उत्पाद सहकारिता, गोदाम, कोल्ड स्टोरेज सहित एआईएफ के सृजन के लिए सहायता मिल सकती है।