बांदा। पोलियो ड्राप लगातार पीने के बाद भी तीन वर्षीय बच्ची में पोलियो के लक्षण दिखे हैं। इससे जिला अस्पताल में हड़कंप मच गया। बच्ची के घर जांच टीम भेजी जाएगी। डाक्टरों का कहना है कि बच्ची का स्टूल (मल) का नमूना जांच के लिए लखनऊ लैब भेजा जाएगा।
मामला शहर के जरैली कोठी (चांदमारी क्षेत्र के पास) का है। यहां के बाशिंदे और पेशे से कचहरी में मुंशी ब्रजराज प्रजापति की इकलौती संतान पुत्री नेहा (3) में पोलियो के लक्षण पाए गए हैं। पिता ने बताया कि पैदा होने के बाद से ही वे अपनी बच्ची को लगातार पोलियो ड्राप पिलवा रहे हैं।
26 फरवरी को पल्स पोलियो सघन प्रतिरक्षण अभियान की टीम उनके घर आई थी। टीम ने उसकी पुत्री को पोलियो ड्राप पिलाई थी। दवा पीने के तीन दिन बाद नेहा के पेट मेें एेंठन होने लगी। पड़ोस के एक प्राइवेट डाक्टर को दिखाया तो उसने दवा दे दी।
फौरी तौर पर कुछ राहत मिल गई, लेकिन अब बृहस्पतिवार से बेटी अपने पैरों पर खड़ी नहीं हो पा रही। शरीर का निचला भाग अशक्त हो गया है। ब्रजराज ने बताया कि शुक्रवार को उसने बेटी को जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके गुप्ता को दिखाया।
उन्होंने कुछ दवाएं दीं पर लाभ नहीं हुआ। डॉ. गुप्ता ने पोलियो की आशंका जताते हुए बच्ची का नाम, पता आदि दर्ज कर लिया और कहा है कि जल्द ही स्वास्थ्य विभाग की टीम पीड़ित बालिका के मल आदि का नमूना लेने उसके घर भेजी जाएगी। ब्रजराज ने यह भी बताया कि जिला अस्पताल में उसे सलाह दी गई कि कानपुर में ले जाकर दिखवा लें।