बांदा। मौसम के उतार चढ़ाव के चलते बुखार के साथ अब डिप्थीरिया भी लोगों को चपेट में ले रहा है। गुरुवार को झील का पुरवा निवासी भाई-बहन में डिप्थीरिया के लक्षण मिले हैं। इनको जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। उधर, बुखार से ग्रसित 12 और मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ओपीडी में बृहस्पतिवार को जुकाम, खांसी और बुखार के मरीजों की लाइन लगी रही। शहर के झील का पुरवा देव नगर निवासी अयांश (6) और छोटी बहन अक्षरा (4) को डिप्थीरिया के लक्षण के चलते जिला अस्पताल के ट्राॅमा सेंटर में भर्ती कराया गया। मां सुनीता सिंह ने बताया कि चार दिन से दोनों को बुखार आ रहा था। गले में सूजन भी हो गई है। ज्यादा हालत खराब होने पर दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। जांच के बाद ही दोनों को डिप्थीरिया की पुष्टि हो पाएगी।
उधर, बुखार के चलते जौरही निवासी रामचंद्र (45), महोतरा गांव निवासी आयुष (2), खप्टिहा कलां निवासी चंगू (40), गिरवां निवासी शिवम (5), गुजेनी निवासी बच्छराज (32), जारी गांव निवासी छोटू (55), बरेहटा निवासी जानी (15), लामा निवासी शांति (60), मवई निवासी आत्माराम (55), मर्दननाका निवासी रजनी (70), बड़ेहा निवासी विमला (50), मिलाथू निवासी अमन मिश्रा (18) को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। उधर, ओपीडी में 1200 मरीजों ने रजिस्ट्रेशन कराया। तकरीबन 300 मरीज बुखार के पहुंचे।
डिप्थीरिया के लक्षण
गले में खराश, बुखार, गर्दन में सूजन, सिरदर्द।
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जिला अस्पताल में तैनात वरिष्ठ ईएमओ डॉ. विनीत सचान ने बताया कि यह संक्रमित रोग है। रोगी से बात करने, छींकने आदि से यह दूसरे व्यक्ति में हो सकता है। इस कारण संक्रमित मरीज को अलग रखा जाता है। डिप्थीरिया का लक्षण होने पर तुरंत अस्पताल में डॉक्टर से संपर्क करें, ताकि इलाज किया जा सके। जिला अस्पताल में डिप्थीरिया लक्षण के दो बच्चों को भर्ती किया गया है। जांच के बाद ही उनमें पुष्ट हो पाएगा।