बांदा। जिले के 47 स्कूलों में कक्षा-आठ के ऊपर के छात्र-छात्राओं को पुलिस कैडेट प्रशिक्षण दिया जाएगा। बच्चों में आत्मबल एवं अनुशासन पैदा करने सहित अपराध व नशे का सेवन न करने तथा आपसी सौहार्द रखने के संबंध में बताया जाएगा।
गुरुवार को एडीएम उमाकांत त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में स्कूलों के प्रधानाचार्य एवं अध्यापकों की बैठक हुई। इसमें पुलिस कैडेट के उद्देश्यों की जानकारी दी गई। कहा कि जिले में इस प्रशिक्षण के लिए 47 स्कूलों को चयनित किया गया है। छात्रों को प्रशिक्षण देकर एक सुरक्षित संगठन को बनाना है, जो जरूरत पड़ने पर अपनी सेवाएं भी दे सके। साथ ही बाल अपराध रोकने के प्रति जागरूक किया जाना है।
स्टूडेंट पुलिस कैडेट बनाए जाने के लिए प्रत्येक विद्यालय में एक नोडल अध्यापक की नियुक्ति की जायेगी। पुलिस अधिकारी/कर्मचारी को भी नोडल बनाया जाएगा। दोेनों नोडल अधिकारी विद्यालयों में बच्चों को आवश्यक प्रशिक्षण देंगे। डीआईओएस को निर्देश दिए कि संबंधित विद्यालयों के अध्यापकों की बैठक आयोजित करके स्टूडेंट पुलिस कैडेट बनाने के कार्यक्रम को सफल बनायें। जनपद स्तर पर इसकी प्रतिमाह बैठक आयोजित की जाएगी।
क्षेत्राधिकारी पुलिस गवेन्द्र गौतम ने बताया कि स्टूडेंट पुलिस कैडेट बनाये जाने के लिए छात्रों को यातायात नियमों की जानकारी व उनका पालन करना, पुलिस की कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।