बांदा। जमीन खाली कराने के मामले में करीब डेढ़ वर्ष बाद पूर्व विधायक और उनके पुत्र समेत छह नामजद व अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज हो सकी। पीड़ित ने इसके लिए न्यायालय की शरण ली थी। अदालत के आदेश के बाद पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करना पड़ी।
कालिंजर थाना क्षेत्र के सौंता गांव निवासी श्रीराम यादव ने तहरीर में कहा है कि उसके पिता मइयादीन ने वर्ष 2014 में एक बीघा खेत खरीदा था। वे खेत में ही घर बनाकर रहने लगे थे। पिछले वर्ष चार फरवरी को पीछे हिस्से में पड़ी कुछ जमीन का बैनामा विधायक राजकरन कबीर (अब पूर्व) ने अपने पुत्र अमित कुमार कबीर के नाम करा दिया।
20 फरवरी की शाम वह और उनके पुत्र कुछ साथियों के साथ आए और पिता व मौजूद महिलाओं को घर-जमीन खाली करने के लिए धमकाया। अगले दिन वह विधायक के घर पहुंचकर उनसे जमीन खाली न कराने का अनुरोध किया। उन्हें पूरे कागजात दिखाए, लेकिन वह नहीं माने।
घर में आग लगाने की धमकी देकर भगा दिया। 26 फरवरी को विधायक व पुत्र और उनके साथियों ने मकान के पीछे आग लगा दी। शोर करने पर धमकाते हुए भाग गए। पुलिस अधीक्षक से कार्रवाई की मांग की, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। मजबूरन न्यायालय की शरण लेना पड़ी।
कालिंजर थाना पुलिस ने नरैनी के पूर्व भाजपा विधायक राजकरन कबीर व उनके पुत्र अमित कुमार कबीर (मुरवां) समेत कैलाश कुमार गुप्ता व अंकित कुमार गुप्ता (किदवई नगर, नरैनी), रावेंद्र कुमार त्रिपाठी (गुमानगंज, नरैनी), वीरेंद्र कुमार (परमा पुरवा, गुढ़ाकलां) व दो अज्ञात के विरुद्ध कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली। थाना निरीक्षक खुद विवेचना करेंगे।