बांदा/बबेरू। बबेरू कोतवाली क्षेत्र के साथी गांव में 60 वर्षीय वृद्ध बटाईदार किसान ने खुद को गोली से उड़ा लिया। बेटे का कहना है कि पिता तीन माह से बीमारी से परेशान थे। इलाज कराने के बावजूद सेहत में सुधार न होने पर आत्महत्या कर ली।
साथी गांव निवासी ब्रजमोहन बटाईदार किसान थे। गांव के ही दया पटेल के ट्यूबवेल पर चार साल से रहते थे। दया की खेतीबाड़ी की देखरेख के साथ ही खुद भी चार बीघा बटाई पर लेकर खेती करते थे।
शुक्रवार की शाम करीब पांच बजे उनका शव चारपाई पर लहूलुहान पड़ा मिला। पेट में नाभि के पास गोली के घाव का निशान था। जमीन पर 315 बोर का तमंचा पड़ा था। पुलिस ने जांच के बाद शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है।
बेटे शिवबरन ने बताया कि पिता ब्रजमोहन की लगभग तीन माह से तबियत खराब थी। टाइफाइड और मलेरिया का इलाज चल रहा था, लेकिन सुधार नहीं हो रहा था। दिन-ब-दिन हालत बिगड़ती जा रही थी। इसी से तंग आकर उन्होंने खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली।
घटना के समय मां मैकी खेत में काम कर रही थी। गोली की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचीं तो पिता को लहूलुहान हालत में देखा।
कुछ लोगों की मदद से उन्हें सीएचसी ले गए। यहां डॉक्टर ने मौत की पुष्टि कर दी। उनके तीन पुत्र और दो पुत्रियां हैं। बबेरू कोतवाली इंस्पेक्टर पंकज सिंह ने बताया कि घटनास्थल की जांच की गई है। परिजन आत्महत्या की वजह बीमारी बता रहे हैं।
घटनास्थल से कोतवाली की दूरी महज नौ किलोमीटर है, लेकिन पुलिस को घटनास्थल पहुंचने में लगभग तीन घंटे लग गए।
बेटे शिवबरन ने बताया कि घटना शुक्रवार देर शाम की है, लेकिन पिता की मृत्यु के बाद सभी शोकग्रस्त थे। पुलिस को तुरंत सूचना नहीं दी।
शनिवार को सुबह सात बजे पड़ोसी की बाइक लेकर कोतवाली पहुंचा और घटना की जानकारी दी। लगभग 10 बजे पुलिस ने आकर जांच-पड़ताल की।
बबेरू। गोली से आत्महत्या करने वाले ब्रजमोहन के विरुद्ध आर्म्स एक्ट की धारा में रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
कोतवाली पुलिस ने बताया कि घटनास्थल पर 315 बोर तमंचा मिला था। यह कहां और कैसे आया? इसकी जांच की जा रही है। आर्म्स एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
पंकज शर्मा