बांदा। रानी दुर्गावती मेडिकल काॅलेज में खाली पदों पर भेजे गए चिकित्सा शिक्षा विशेषज्ञों ने अब तक कार्यभार ग्रहण नहीं किया। इनकी संख्या आठ बताई गई है, जबकि मेडिकल काॅलेज के सात डाक्टर तबादले पर जा चुके हैं। काॅलेज प्रशासन ने कार्यभार ग्रहण न करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा है। डॉक्टरों की कमी से हर दिन सैकड़ों मरीज परेशान होते हैं। एमबीबीएस छात्र-छात्राओं की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
करीब पांच माह पूर्व शासन स्तर से बड़ी संख्या में डॉक्टरों की तैनाती में फेरबदल किया गया था। प्रयागराज, कानपुर और आगरा के करीब आठ डाॅक्टरों को रानी दुर्गावती मेडिकल काॅलेज स्थानांतरित किया गया था। हैरत की बात यह है कि स्थानांतरण के बाद भी डाॅक्टरों ने कार्यभार ग्रहण नहीं किया। मेडिकल काॅलेज प्रशासन लगातार चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए लगातार पत्राचार कर रहा है।
उधर, मेडिकल काॅलेज में नियुक्त सात डॉक्टर स्थानांतरण के तुरंत बाद नई तैनाती स्थल पर जा चुके हैं। ये पद भी लगभग पांच माह से खाली पड़े हैं। बड़ी संख्या में डॉक्टरों के पद रिक्त होने से चिकित्सा शिक्षा प्रभावित हो रही है। मरीजों को भी विशेषज्ञ डाॅक्टरों का लाभ नहीं मिल पा रहा है। काॅलेज प्रशासन के मुताबिक इस संबंध में लगातार पत्राचार किया जा रहा है। कार्यभार ग्रहण न करने वाले डाॅक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की भी महानिदेशक से मांग की गई है।
इन्होंने अब तक ग्रहण नहीं किया कार्यभार
डाॅ. एनएन गोपाल (आचार्य, सर्जरी विभाग) प्रयागराज, डाॅ. आनंद कुमार (सहायक आचार्य, दंत रोग विभाग), प्रयागराज, डाॅ. शैलेंद्र सिंह चौधरी (आचार्य, कम्युनिटी मेडिसिन विभाग), आगरा, डाॅ. आलोक मवार (सह आचार्य, बायोकेमेस्ट्री विभाग), आगरा, डाॅ. बादल सिंह (सह आचार्य, एनाटमी विभाग), प्रयागराज, डाॅ. अशोक कुमार वर्मा (सह आचार्य, रेडियोडायग्नोसिस), कानपुर, डाॅ. राजेश कुमार यादव (सह आचार्य, बाल रोग विभाग), प्रयागराज, डाॅ. अपूर्व अभिनंदन मित्तल (आचार्य, निश्चेतना विभाग), आगरा शामिल हैं।
मेडिकल काॅलेज से तबादले पर गए डॉक्टर
डाॅ. अनिल कुमार वर्मा (आचार्य, निश्चेतना विभाग) कानपुर, डाॅ. विभूदीप (सहायक आचार्य, एनाटमी विभाग) आगरा, डाॅ. एसके बर्मन (आचार्य, कम्युनिटी मेडिसिन विभाग) कानपुर, डाॅ. अभय कुमार पांडेय (सहायक आचार्य, फिजियोलॉजी विभाग) गोरखपुर, डाॅ. मोहम्मद अतहर (आचार्य, सर्जरी विभाग) कन्नौज, डाॅ. शरदचंद्र (सहायक आचार्य, दंत रोग विभाग) प्रयागराज और डाॅ. पवन गौतम (सहायक आचार्य, बायोकेमेस्ट्री विभाग) आगरा भेजे गए हैं।
इनसेट...
नियुक्ति बांदा में, प्रयागराज और आगरा में दे रहे ड्यूटी
रानी दुर्गावती मेडिकल काॅलेज में आचार्य पद पर नियुक्त पैथालॉजी विभाग की डाॅ. पूर्णिमा मिश्रा को शासन ने प्रयागराज से संबद्ध कर रखा है। उन्होंने पहली सितंबर को यहां कार्यभार ग्रहण किया था। कार्यभार संभालने के कुछ दिन बाद ही शासन ने उन्हें प्रयागराज संबद्ध कर दिया है। इसी तरह बच्चों के सर्जन व आचार्य पद पर नियुक्त डाॅ. राजेश गुप्ता (सर्जरी विभाग) को आगरा मेडिकल कालेज से संबद्ध कर रखा है, जबकि इनकी नियुक्ति मेडिकल काॅलेज में हुई है। वर्ष 2018 से वहां संबद्ध हैं। उक्त दोनों डाॅक्टरों को मेडिकल काॅलेज वापस भेजने के लिए भी शासन से लगातार मांग की जा रही है।
वर्जन
निदेशालय से लगातार चिकित्सकों की मांग की जा रही है। लगभग पांच बार शासन को पत्र भेजा जा चुका है। यहां के डाॅक्टर नई तैनाती स्थल पर चले गए, लेकिन दूसरे जिलों से आने वाले डाॅक्टरों ने अब तक कार्यभार ग्रहण नहीं किया। डाॅक्टरों की नियुक्ति न होने से चिकित्सा शिक्षा के साथ मरीजों का हित भी प्रभावित हो रहा है। -डाॅ. मुकेश कुमार यादव, प्राचार्य रानी दुर्गावती मेडिकल काॅलेज, बांदा।