बांदा। गंगऊ और रनगवां बांधों के जलस्तर और डिस्चार्ज में भारी गिरावट आने के बाद केन और यमुना नदियों के सैलाब का सितम भी रुक गया है। केन के जलस्तर में दस मीटर की गिरावट आई है। यह खतरे के निशान से तीन मीटर नीचे चली गई है। उधर, यमुना नदी में भी एक मीटर जलस्तर घट गया है। बाढ़ पीड़ितों ने राहत की सांस ली है। पिछले 24 घंटों से बांध क्षेत्रों और मध्य प्रदेश की घाटियों में बारिश थमी हुई है। इसका सीधा असर बांधों के जलस्तर में पड़ा है। चार दिन पूर्व लगभग छह लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज कर रहा बरियारपुर बांध अब सिमट कर मात्र 44 हजार क्यूसेक पर आ गया है। डिस्चार्ज में कमी से केन तेजी से सिमटकर 101 मीटर पैमाने में सिमट गई है। हालांकि सोमवार की रात कुछ बारिश हुई लेकिन इसका बांधों या नदी के जलस्तर में कोई असर नहीं पड़ा है। यमुना नदी भी एक मीटर नीचे आने के बाद 101 पैमाने पर आ गई है। हालांकि खतरे के निशान से यह अभी भी एक मीटर ऊपर है। केंद्रीय जल आयोग के पूर्वानुमान के मुताबिक यमुना और केन दोनों ही नदियों के घटने का सिलसिला अभी जारी रहेगा।