नरैनी। बटाईदार के खेत से चने की फसल को नष्ट करके अवैध रूप से बालू भरे वाहन निकालने की शिकायत पर कोई कार्रवाई न होने पर महिला किसान ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर पुलिस एसआई, चार अज्ञात सिपाहियों व दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
कोतवाली क्षेत्र के बिल्हरका गांव निवासी मन्नी ने सीजेएम कोर्ट में दायर वाद में बताया कि वह गांव की सुखरानी की खेती बटाई पर लिए थी। उस पर चने की फसल को बोया था। उसके खेतों से अवैध रूप से बालू ट्रैक्टरों द्वारा ढोई जा रही थी। मना किया तो वह नहीं माने। उसके पुत्र जगतपाल ने करतल पुलिस को सूचना दी। तत्कालीन करतल चौकी प्रभारी ने उसे डांटकर भगा दिया। इसके बाद उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। तब उसने न्यायालय की शरण ली।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि तत्कालीन करतल चौकी प्रभारी कौशल सिंह बालू के वाहन निकालने के नाम पर रुपये लेते थे। पांच अप्रैल को उन्होंने घर में आकर जातिसूचक शब्दों से उसे अपमानित भी किया। अगले माह छह मई को पुन: करतल चौकी प्रभारी ने अपने चार अज्ञात पुलिस कर्मियों सहित गांव के मंगल पटेल और देवीदीन के साथ उसके घर पहुंचे और उसके साथ अभद्रता की। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अरविंद सिंह गौर ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर तत्कालीन करतल चौकी प्रभारी, चार सिपाही अज्ञात व मंगल पटेल, देवीदीन निवासी बिल्हरका के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।