बांदा। मौसम की तल्खी से रबी बुवाई की तैयारियों में जुटे किसान हैरान हैं। उधर, कृषि विशेषज्ञों ने का कहना है कि कम बारिश के बाद भी खेतों में नमी रहेगी। लिहाजा समय से जुताई कर खेतों में कम पानी वाले बीजों की बुआई करें। अक्तूबर शुरू होने के बाद भी मौसम का पारा 35-36 डिग्री सेल्सियस पर टिका है। जबकि मौजूदा फसल के लिए अधिकतम तापमान 25-30 डिग्री होना चाहिए। कृषि विशेषज्ञ भी मान रहे हैं कि खेतों से नमी गायब हो सकती है। चित्रकूटधाम मंडल में 15 अक्तूबर से चना, मटर, मसूर, सरसों, अलसी की बुवाई शुरू हो जाती है। किसान इसकी तैयारी में लगे हैं। जुताई के बाद सप्ताह भर में बारिश हो गई तो किसानों की उम्मीदें काफी बढ़ जाएगी। उधर, जिला कृषि अधिकारी बाल गोविंद यादव ने किसानों को बीज का चयन सोच समझकर करने की सलाह दी है। चना में अवरोधी, डीसी 93-3, केजीडी 1168 ऐसी प्रजातियां हैं जो कम पानी व नमी में भी बेहतर पैदावार देंगी। ऐसे ही मसूर में उन्नति प्रजातियां गरिमा, पद्यमिनी, लक्ष्मी व सतना की बुवाई करें।