बांदा। किसानों की समृद्धि का रास्ता गो आधारित प्राकृतिक खेती से होकर जाता है। इससे गोवंश की रक्षा में मदद मिलेगी। खेतों की उर्वरा शक्ति और फसलों की पैदावार बढ़ेगी। यह बात प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में तीन मंडल झांसी, कानपुर व बांदा की कृषि उत्पादकता गोष्ठी में कही।
कृषि मंत्री ने कहा कि किसान खेतों को खाली न छोडें। बुंदेलखंड के शत्-प्रतिशत किसानों को अनुदान पर सिंचाई के लिए सोलर पंप की सुविधा दी जाएगी। अपनी क्षमता व ऊर्जा का उपयोग कर उन्हें आगे बढ़ना है। बुंदेलखंड में गो आधारित प्राकृतिक व मोटे अनाजों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। किसानों को नि:शुल्क बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। किसान उद्यान विभाग की योजनाओं बागवानी एवं खाद्य प्रसंस्करण के द्वारा भी लाभ प्राप्त करें। खाद्य प्रसंस्करण के लिए 33 प्रतिशत का अनुदान भी किसानों को दिया जा रहा है। प्रत्येक कृषि विज्ञान केंद्र को 95 लाख की मंजूरी दी गई है।
गोष्ठी में कृषि विभाग, एनआरएलएम आदि विभागों ने स्टाल लगाकर विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। पद्मश्री उमाशंकर पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील सिंह पटेल, अध्यक्ष गो सेवा आयोग श्याम बिहारी गुप्ता, पूर्व सांसद आरके सिंह पटेल, चित्रकूटधाम मंडल आयुक्त बालकृष्ण त्रिपाठी, जिलाधिकारी नगेंद्र प्रताप, आयुक्त झांसी विमल कुमार दुबे, संयुक्त विकास आयुक्त कानपुर एनसी सविता, ग्राम विकास सचिव सुखलाल भारती, कृषि निदेशक जितेन्द्र सिंह, विशेष सचिव उद्यान ओम प्रकाश वर्मा, विशेष सचिव व बांदा के पूर्व जिलाधिकारी हीरालाल आदि मौजूद रहे।
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नवाचार सीखें और जीवांश वृद्धि करें किसान
कृषि उत्पादन आयुक्त मोनिका एस गर्ग ने कहा कि किसान नवाचार सीखें और खेतों में जीवांश की वृद्धि करें। मौसम आधारित खेती करें, जिससे उन्हें लाभ हो। बुंदेलखंड आंवला, चन्दन, अंजीर, मूंगफली, अदरक, हल्दी की खेती के लिए उपयुक्त है। कहा कि हर साल कृषि विज्ञान केंद्र से दो गांवों को चयनित कर माॅडल कृषि ग्राम विकसित करें।
प्रमुख सचिव कृषि रवीन्द्र कुमार ने कहा कि बुंदेलखंड के किसान अन्ना पशुओं से परेशान है। हालांंकि सरकार अन्ना पशुओं को रोकने के निरंतर प्रयास कर रही है। इससे निजात दिलाने के लिए बुंदेलखंड में सोलर फैसिंग की योजना जल्द चालू होगी। तुलसी की खेती को फसल बीमा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। ताकि किसान तुलसी की खेती कर आय बढ़ाए।
जेवर में बन रहा एक्सपोर्ट हब
विशेष सचिव राजस्व अनुराग पटेल ने कहा कि झांसी के जेवर में फल एवं सब्जी उत्पादन के लिए एक्पोर्ट हब बनाया जा रहा है। ताकि यहां के किसानों को इसका लाभ हों। वरासत प्रकरण, चकबंदी से संबंधित मामलों के निराकरण के लिए गाॅव-गाॅव चौपाल लगाई जा रही है। लोक अदालतों का भी आयोजन कर राजस्व वादों का निराकरण किया जा रहा है।
योजनाओं से कराया लाभान्वित
कृषि यंत्र योजना के तहत विद्यासागर को 12 लाख, कल्लू कोे 4 लाख का अनुदान, सोलर पंप योजना में विसम्भर सिंह को 7.5 एचपी सोलर पंप के लिए 12 लाख रुपये का अनुदान, खेत-तालाब योजना में लोहरा के मैथलीशरण व कमलेश मिश्रा को 1 लाख 14 हजार की धनराशि का चेक दिया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में लखनलाल को 3 लाख 23 हजार अनुदान दिया गया।