बांदा जिले में हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी की रविवार को हालत बिगड़ गई। जेल कर्मियों ने जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। बिसंडा थाना क्षेत्र के मिलाथू गांव निवासी रामस्वरूप (72) गांव में 1985 में हुई एक हत्या के मामले में 17 जनवरी 2022 को मंडल कारागार में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था।
जेलर वीरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि हत्या में यह नामजद था। जेल के डॉक्टर आशुतोष मिश्रा ने बताया कि इसे किडनी से संबंधित बीमारी थी। जब जेल में आया था तभी से बीमार चल रहा था। 13 मार्च 2023 में इसकी सुप्रीम कोर्ट में जमानत के लिए डाली गई अर्जी की सुनवाई थी। रविवार की सुबह हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भेजा गया था।
उधर, मृतक के समधी निलाथू गांव निवासी लवलेश ने बताया कि मृतक के दो पुत्र थे। बड़े पुत्र मुकेश ने कुछ वर्षो पहले खुदकुशी कर ली थी। सन 1985 में गांव में कुलदीप नाम के व्यक्ति की हत्या में यह तीन भाई नामजद किए गए थे। एक भाई देवराज भी कारागार में बंद है। बताया कि जेल प्रशासन ने उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई। उन्होंने संदिग्ध हालातों में मौत होने की आशंका जताई है।