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Banda News: प्रीमियर 33 करोड़ वसूला, क्लेम सिर्फ 222 लाख

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बांदा। फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए किसानों और सरकार से बीमा के 33 करोड़ प्रीमियम लेने वाली कंपनी ने महज दस फीसदी दावे ही स्वीकार किए हैं। इन किसानों को क्लेम के सिर्फ 2.22 करोड़ रुपये ही दिए जाएंगे।
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खरीफ वर्ष 2022 में जनपद के 41739 किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 42931.99 हेक्टेअर भूमि की फसल का बीमा कराया था। इसमें 39914 ऋणी व 1825 गैर ऋणी किसानों ने बीमा कराया। बीमा कंपनी एआईसी ऑफ इंडिया ने किसानों से प्रीमियम के रूप में तीन करोड़ 10 लाख 39 हजार 946 रुपये वसूल किए।
इसके अलावा कंपनी को केंद्रांश व राज्यांश के रूप में सरकारों ने 30 करोड़ 71 लाख 18 हजार 422 रुपये दिए। 33 करोड़ 81 लाख 58 हजार 368 प्रीमियम लेने के बाद भी कंपनी किसानों को धेला नहीं देना चाहती है।
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सितंबर में बेमौसम बारिश से जनपद में 70 से अधिक ग्राम पंचायतों में 6600 बीमित किसान फसलों की बुआई नहीं कर सके। जिन किसानों ने फसल बो दी थी वह खराब हो गई, लेकिन बीमा कंपनी ने इनमें महज 51 ग्राम पंचायतों के चार हजार 24 किसानों के दावे स्वीकार किए हैं। जिन्हें 222.41 लाख का क्लेम दिया जाएगा। ऐसे में किसान अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं। इससे बीमित किसानों की संख्या हर साल घट रही है।
इनसेट-
यह है स्थिति
वर्ष बीमित गैरबीमित कुल प्रीमियम किसानों का क्लेम
2019 43604 580 33,75, 232 1,24,10 532
2020 42370 202 27,58,90,738 1,63,41,053
2021 42175 186 31,15,39,447 9,62,02,824
2022 39914 1825 33,81,58,368 2,22,01,041
हटेटी पुरवा के किसान प्रेम सिंह का कहना है कि बारिश का पानी खेतों में भर गया। इससे वह फसल नहीं बो सके। क्लेम का दावा किया तो कंपनी ने यह कहकर खारिज कर दिया कि दावा समय सीमा के बाद किया गया है अधिकारियों से कहा फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बिलगांव के किसान रमेश का कहना है कि बारिश से धान की फसल को 50 फीसदी से अधिक का नुकसान हुआ है, लेकिन कंपनी इसे नहीं मान रही। गांव के अच्छे खेत की क्राप कटिंग कर नुकसान का आंकलन किया जा रहा है, जबकि नुकसान एक समान नहीं होता है।
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अभी फसल की बुआई में असफल किसानों का सर्वे पूरा हुआ है। नुकसान का सर्वे चल रहा है। क्राप कटिंग के आधार पर नुकसान का क्लेम दिया जाएगा।
डॉ. प्रमोद कुमार, जिला कृषि अधिकारी, बांदा।
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