बांदा। बीमारी से परेशान पीआरडी जवान ने घर के कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। घटना के समय पत्नी घरेलू कामकाज कर रही थी। कुछ देर बाद वह अंदर गई तो दरवाजा बंद पाया। खिड़की से देखा तो पति फंदे से लटका मिला।
देहात कोतवाली क्षेत्र के महोखर गांव निवासी रज्जू प्रसाद (32) ने सोमवार को सुबह अपने घर के कमरे में लगी कपड़े टांगने वाली खूंटी से साफी से फंदा लगा लिया। घटना के समय पत्नी हीराकली घरेलू काम कर रही थी। कुछ देर बाद वह अंदर गई तो कमरे का दरवाजा बंद मिला। खिड़की से झांका तो रज्जू फंदा लगाए था। उसने साथ रह रहे अपने भाई महेश को फोन करके घटना बताई। महेश ने घर पहुंचकर पुलिस को सूचना दी और दीवार तोड़कर शव काे बाहर निकाला। साले महेश ने बताया कि एक साल से रज्जू को पैर में तकलीफ थी। उसके पैर की नसें ब्लॉक हो गई थीं। उसका बांदा, झांसी, कानपुर और अब दिल्ली में इलाज चल रहा था। इलाज में छह लाख 35 हजार रुपये खर्च हो गए थे। रज्जू ने फरवरी माह तक पीआरडी की ड्यूटी की थी। रज्जू के चार पुत्रियां हैं। देहात कोतवाली इंस्पेक्टर सुखराम सिंह ने बताया कि परिजन बीमारी से तंग होकर फंदा लगाने की बात कह रहे हैं। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।