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Banda News: हवा दूषित कर रहा निकायों का प्लास्टिक कचरा

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बांदा। जिले में प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग पर अंकुश नहीं लग रहा है। सभी आठ नगर निकायों में प्रतिदिन निकलने वाला 11 टन प्लास्टिक कचरा इसकी बानगी है। सब्जी, किराना का सामान हो या दवाएं अथवा अन्य कोई सामग्री पॉलिथीन में ही लोग ले जा रहे हैं। बाजार में भी पॉलिथीन की थोक व फुटकर बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है। पालिका प्रशासन की ओर महीनों से इसे लेकर अभियान नहीं चलाया गया। अब लोकसभा चुनाव बहाना है। इस लापरवाही से जनपद का वातावरण प्रदूषित हो रहा है।
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नगर पालिका के आंकड़ों के मुताबिक जिले के सभी नगर निकायों में इस समय हर रोज करीब 11.06 टन प्लास्टिक कचरा इकट्ठा किया जा रहा है। नगर पालिका बांदा में सवा दो लाख की आबादी के बीच हर दिन 6.07 टन प्लास्टिक कचरा निकल रहा है। नगर पालिका अतर्रा में 60 हजार की आबादी के बीच प्रतिदिन 1.70 टन, नगर पंचायत बबेरू में 34742 आबादी के बीच 9.6 क्विंटल, बिसंडा नगर पंचायत में 5.2 क्विंटल, मटौंध नगर पंचायत में 6.5 क्विंटल, नरैनी में 3.8 क्विंटल, ओरन में 1.7 क्विंटल और तिंदवारी नगर पंचायत में तीन क्विंटल कचरा नगर पंचायत इकट्ठा कर रही है। पाबंदी के बावजूद पॉलिथीन का उपयोग कम होता नहीं दिख रहा है। लोग धड़ल्ले से इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। पालिका की शिथिलता के कारण बाजार में खुलेआम थोक और फुटकर में पॉलिथीन बिक रही है। सड़कों के किनारे, खाली प्लाॅटों और अस्पताल परिसर के पीछे कचरे में प्लास्टिक का ढेर देखा जा सकता है। यह प्लास्टिक कचरा जिले की हवा दूषित कर रहा है।


120 माइक्रोन तक के प्लास्टिक कैरी बैग की छूट

शासन ने सिंगल यूज प्लास्टिक के उत्पादन, बिक्री और उपयोग पर जुलाई 2022 पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया था। इनमें सिंगल यूज प्लास्टिक की 19 वस्तुएं शामिल हैं। प्लास्टिक कैरी बैग की न्यूनतम मोटाई 75 माइक्रोन से बढ़ाकर अब 120 माइक्रोन कर दी गई है। इसके नीचे के प्लास्टिक कैरी बैग का उपयोग प्रतिबंधित है।
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एक लाख तक जुर्माना और पांच वर्ष तक की सजा का प्रावधान


प्रतिबंधित पॉलिथीन व प्लास्टिक के उपयोग पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। कोई व्यक्ति सिंगल यूज प्लास्टिक का उत्पादन, आयात, भंडारण और बिक्री करता है तो पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 15 के तहत दोषी पाए जाने पर 20 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक जुर्माने या फिर पांच साल तक की सजा का प्रावधान है। इसके बावजूद लोग इसका प्रयोग धड़ल्ले से कर रहे हैं।





वर्जन...

प्लास्टिक को लेकर इधर काफी दिनों से अभियान नहीं चलाया गया है। लोकसभा चुनाव के कारण इसे रोका भी गया है। चुनाव के बाद इस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। -नीलम चौधरी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका, बांदा।
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