बांदा। विशेषाधिकार समिति के सभापति विजय बाहदुर की अध्यक्षता में शनिवार को सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक में जनप्रतिनिधियों का दर्द छलक उठा। जन प्रतिनिधियों ने बताया कि अफसर न तो उनकी सुनते हैं और न ही उनके फोन उठाते हैं। इससे सरकार के साथ ही उनकी साख भी प्रभावित होती है। सभापति ने अफसरों से प्राथमिकता के आधार पर जन प्रतिनिधियों के फोन उठाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान सभापति से सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के फोन को ज्यादातर अधिकारी नजर अंदाज करते हैं। इससे न सिर्फ जनप्रतिनिधि बल्कि शासन की भी साख गिरती है। इस पर नाराजगी जताते हुए सभापति ने अपने सेक्रेटरी से जनप्रतिनिधियों के लिए जारी शासनादेश पढ़कर अधिकारियों को सुनवाया। उन्होंने कहा कि डीएम यह सुनिश्चित करें कि जनप्रतिनिधियों को लेकर जारी शासनादेश का अधिकारी पालन करें।
इस पर विधान परिषद सदस्य जितेंद्रसिंह बोले कि डीएम का ही फोन नहीं उठता तो वो नियमों का पालन कैसे करायेंगी। इस पर सभापति ने डीएम से कहा कि जनप्रतिनिधियों के फोन का प्राथमिकता से जवाब देना सुनिश्चित करें। लैंडलाइन फोन पर एक कर्मी की तैनाती करें। जो आपके व्यस्त होने पर जनप्रतिनिधियों का फोन जरूर उठाएं। इसके बाद आप तय करें कि उसी दिन समय निकालकर जनप्रतिनिधि से बात करें। सभापति ने कहा कि प्रयागराज जैसा उदाहरण पेश करें।
जहां अधिकारी व जनप्रतिनिधि समन्वय स्थापित कर शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन कर रहे हैं। बैठक में डीसी मनरेगा से विभाग की योजनाओं के व जनप्रतिनिधियों से समन्वय को लेकर पूछा गया। तो उन्होंने कहा कि दो दिन पहले ही यहां चार्ज संभाला है।
सभापति ने डीएम से पूछा कि क्या जिले में जनप्रतिनिधियों के पत्रों के अंकन के लिए कंप्यूटर व रजिस्टर की व्यवस्था है। डीएम ने सिर हिलाकर हां में स्वीकृति दी। सीडीओ ने कहा कि जन प्रतिनिधियों से उनका समन्वय है। बैठक में समिति के सदस्य पवन सिंह, कुंवर महाराज सिंह, सत्यपाल सिंह विधान परिषद सदस्य, विधान परिषद सदस्य जितेंद्र सिंह, सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी, नरैनी विधायक ओममणि वर्मा, जिला अध्यक्ष भाजपा संजय सिंह, सीडीओ वेद प्रकाश मौर्य, एएसपी लक्ष्मी निवास मिश्रा समेत अन्य रहे।
एक मामले को लेकर सभापति ने एक अधिकारी की क्लास लगाते हुए कहा कि मैं आपको निर्देश देने के लिए आया था, पर लग रहा है मुझे ही आपसे निर्देश लेने पड़ेंगे। इस पर संबंधित अधिकारी हाथ जोड़कर सभापति से माफी मांगते दिखाई दिए।
जिला स्तरीय अधिकारियों के अनुपस्थित रहने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए। डीएफओ को पौधारोपण में जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित कर उनका सहयोग लेेने को कहा l उन्होंने भू जल संरक्षण के लिए छोटी नदियों एवं पोखर के इनलेट की सफाई के निर्देश दिए। इसके अलावा युवाओं को कौशल विकास में बेहतर ट्रेडों में प्रशिक्षित करने को कहा।
उपनिदेशक कृषि से श्री अन्न एवं मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिएl जल निगम के अधिशासी अभियंता को हर घर नल योजना के अंतर्गत खोदी गई सड़कों की गुणवत्ता के साथ मरम्मत कराने को कहा। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने निर्देशों का पालन कराने की बात कही।