बांदा। कृषि विश्वविद्यालय में संचालित वानिकी महाविद्यालय और राष्ट्रीय सेवा योजना तृतीय इकाई द्वारा विश्व वानिकी दिवस मनाया गया। बुधवार को कुलपति डा.नरेंद्र प्रताप सिंह ने दीप जलाकर शुरुआत की। बताया कि इस वर्ष विश्व वानिकी दिवस का विषय - वन और स्वास्थ्य निर्धारित किया गया है। सभी को मिलकर वन और पर्यावरण की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए। मौजूदा समय में वनों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए जनांदोलन की जरूरत है।
कुलपति ने विश्वविद्यालय और वानिकी महाविद्यालय द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों को भी सराहा। महाविद्यालय के अधिष्ठाता डा.संजीव कुमार ने कहा कि प्राणी को जीवन में 10 पेड ़ जरूर लगाने चाहिए। पेड़ों से ही आक्सीजन प्राप्त होती है। विभिन्न पर्यावरण लाभ होते हैं। जल चक्र के संतुलन को बनाए रखने, जलवायु, विनियमित में योगदान और जैव विविधता के संरक्षण में वृक्षों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
गोष्ठी के अलावा पोस्टर, पेंटिंग, स्लोगन, राइटिंग और आनलाइन क्विज प्रतियोगिता हुई। प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को कुलपति ने पुरस्कृत किया। डा.राजीव उमराव (सह प्राध्यापक) ने सभी का आभार जताया। डा.जीएस पंवार, डा.एसवी द्विवेदी आदि ने भी संबोधित किया। शिक्षक डा.योगेश यादव राव समुठाणे ने कविता पेश की। डा.वंदना कुमारी, डा.मुकुल कुमार, डा.अजय कुमार सिंह, डा.भानू प्रकाश मिश्रा आदि उपस्थित रहे।