बांदा। निर्धारित लक्ष्य को हासिल किए बिना मंगलवार से धान की खरीद बंद हो गई। चित्रकूटधाम मंडल में सोमवार तक लक्ष्य के सापेक्ष 93 फीसदी खरीद हुई। उधर, खरीद एजेसिंयों पर किसानों 20 करोड़ से अधिक का बकाया है।
सहालग के सीजन में बकाया न मिलने से किसान परेशान हैं। किसी की बेटी की शादी तय है तो किसी के यहां बीमारी का इलाज संभव नहीं हो पा रहा है, जबकि शासन के किसानों से खरीदे जाने वाले धान का भुगतान 72 घंटे के अंदर करने के आदेश थे।
शासन ने इस वर्ष मंडल में धान खरीद का लक्ष्य एक लाख पांच हजार 200 मीट्रिक टन (एमटी) निर्धारित किया था। लक्ष्य को पाने के लिए विभिन्न एजेसिंयों के 61 क्रय केंद्र खोले गए थे। सोमवार तक मंडल में 17533 किसानों का 97 हजार 969 मीट्रिक टन धान खरीदा गया। जो लक्ष्य के सापेक्ष सात हजार 231 मीट्रिक टन कम है।
पिछले साल मंडल में एक लाख छह हजार 700 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य था। लक्ष्य के सापेक्ष 95 हजार 140 मीट्रिक टन धान खरीदा गया था। खास बात यह है कि इस वर्ष विभिन्न एजेंसियों पर तीन हजार 200 किसानों का 20 करोड़ 83 लाख रुपये बकाया है। इसे पाने के लिए किसान बैंकों और एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं। किसानों का कहना है कि धान इसलिए बेचा था कि समय से खाते में पैसा आ जाएगा तो शादी, बीमारी, घर का खर्च और खेती का काम प्रभावित नहीं होगा। यह पता होता कि इतना समय लगेगा तो सरकारी केंद्रों पर धान किसी भी कीमत पर नहीं बेचते। भले ही वह धान मंडियों में प्राइवेट आढ़तियों (व्यापारियों) को माटी मोल बेच देते।
इनसेट-
मंडल में धान खरीद की स्थिति
जनपद लक्ष्य खरीद
बांदा 80700 76943.14
चित्रकूट 20000 18180.03
हमीरपुर 2500 2846.80
योग 105200 97969.97
इनसेट-
किसानों का बकाया (लाख में)
जनपद कुल धनराशि बकाया
बांदा 15696.40 1494.36
चित्रकूट 3708.73 566.80
हमीरपुर 580.75 22.16
योग 19985.87 2083.31
इनसेट-
शादी घर में और पैसा नहीं मिला
भुजौली निवासी किसान ब्रजेश का कहना है कि जनवरी में 28 क्विंटल धान बेचा था। अभी तक भुगतान नहीं हुआ। परिवार में नातिन की शादी है। तैयारियों में दिक्कत आ रही है। केंद्र प्रभारी का कहना है कि अब सीधे एजेंसी पैसा खाते में डालती है। वह कुछ भी नहीं बता सकते।
बाबा बीमार, पैसा है नहीं
मोहन पुरवा निवासी किसान चरन यादव का कहना कि फरवरी की शुरुआत में भारतीय खाद्य निगम के मंडी समिति क्रय केंद्र में 28 क्विंटल धान बेचा था। आज तक पैसा खाते में नहीं आया है। बाबा की तबीयत खराब है। इलाज और दवा के लिए पैसा चाहिए, लेकिन नहीं मिल पा रहा है।
वर्जन-
पिछले साल से बेहतर धान खरीदा गया है। किसानों के बकाये के भुगतान के लिए एजेंसी के आरएमओ को पत्र लिखा गया है। जल्द भुगताना होगा।-दिनेश शर्मा, संभागीय खाद्य नियंत्रक, चित्रकूटधाम मंडल, बांदा