बांदा। लोकसभा और मध्यप्रदेश विधान सभा चुनाव से पहले केन-बेतवा लिंक परियोजना पर काम शुरू करने की कवायदों में जुटी केंद्र, एमपी और यूपी की सरकारें इस परियोजना से प्रभावित होने वाले हजारों आदिवासियों और ग्रामीणों का विरोध शांत नहीं कर पा रहीं। दो दिन पूर्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की खजुराहो आमद के दौरान विरोध फिर भड़क उठा। परियोजना के विरोध में ग्रामीणों ने अपने खून से लिखा मांग पत्र प्रधानमंत्री को सौंपना चाहा। इसमें नाकाम रहने से प्रभावित 15 गांवों के ग्रामीणों ने शनिवार को विरोध रैली निकालकर अपना खून से लिखा पत्र स्थानीय अफसरों को सौंपा। मांग पूरी न होने पर आमरण अनशन और धरना की चेतावनी दी।
केन-बेतवा परियोजना में शामिल बुंदेलखंड के बिजावर (छतरपुर , एमपी) में ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। परियोजना से प्रभावित होने वाले ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी (सीआईसी) ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि केन-बेतवा लिंक में 30 से 40 लाख पेड़ों की कटान होगी।
डूब क्षेत्र में आबाद गांवों के सैकड़ों किसान और परिवार बेघर और बर्बाद हो जाएंगे। परियोजना से कुल 21 गांव विस्थापित हो रहे हैं। आरोप लगाया कि प्रभावितों को दिए जाने वाले हर्जाना आदि में मनमानी की जा रही है। पारदर्शिता नहीं है। परियोजना का कोई भी कागज सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। खून से लिखे ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि ली जा रही भूमि व घर आदि का उचित मुआवजा नहीं दिया गया तो जल्द ही धरना, आमरण अनशन आदि शुरू होगा।
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आपत्ति के लिए 28 को होगी सुनवाई
केन-बेतवा लिंक में प्रस्तावित दोधन गांव में बांध निर्माण के लिए संबंधित ग्राम पंचायत घुघरी की कुल 2,11,360 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण की नोटिस जारी कर दी गई है। छतरपुर (एमपी) के भू-अर्जन अधिकारी ने संबंधित भू-स्वामियों को जारी की नोटिस में इसी माह 28 अगस्त को तलब करते हुए कहा है कि भूमि मुआवजा पर यदि आपत्ति हो तो बयान दर्ज कराएं।
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केन-बेतवा लिंक परियोजना का खाका -
लागत : 44 हजार 605 करोड़ रुपये
केंद्र सरकार की राशि : 90 प्रतिशत
यूपी - एमपी की हिस्सेदारी : 5-5 प्रतिशत
केन-बेसिन से उप्र में सिंचाई : 2.27 लाख हेक्टेयर
केन-बेसिन से मप्र में सिंचाई : 4.47 लाख हेक्टेयर
बेतवा बेसिन से मप्र में सिंचाई : 2.06 लाख हेक्टेयर।