बांदा। बेसिक शिक्षा विभाग के लापरवाह अफसरों की बदौलत चित्रकूटधाम मंडल की खेल प्रतिभाओं के सपने चकनाचूर हो गए। अधिकारियों ने मंडल स्तर की खेलकूद प्रतियोगिताएं ही नहीं कराईं, जिससे लखनऊ में 13 मार्च से शुरू हुईं राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं में यहां के खिलाड़ी शामिल होने से वंचित रह गए। अधिकारियों की लापरवाही से जिलास्तर पर शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी मायूस हैं।
सरकार शहर व ग्रामीण स्तर पर बेसिक शिक्षा विभाग की एक से कक्षा आठ तक की खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच देने के लिए खेल संसाधनों और मैदानों पर लाखों रुपया खर्च किया जा रहा है। विभागीय अफसरों की लापरवाही से यह सब निरर्थक साबित हो रहा है। यही वजह है कि बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से 13 से 15 मार्च तक लखनऊ में शुरू हुई तीन दिवसीय राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताओं में चित्रकूट मंडल के खिलाड़ी शिरकत ही नहीं कर सकेंगे।
इस वर्ष अधिकारी एक भी खिलाड़ी को लेकर नहीं पहुंचे जबकि पिछले साल 2017-18 में गोरखपुर में हुई राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में चित्रकूटधाम मंडल की टीमों के करीब 300 बच्चों ने हिस्सा लिया था। नृत्य और कबड्डी प्रतियोगिता में मंडल ने राज्य में प्रथम स्थान हासिल किया था। इसके बाद भी जिम्मेदारों ने मेधावियों के भविष्य से खिलवाड़ कर डाला। (संवाद)
बेसिक शिक्षा के निर्देश रहे बेअसर
बेसिक शिक्षा निदेशक ने प्रदेश के सभी एडी बेसिक और बीएसए को शैक्षणिक सत्र 2021-22 में पत्र जारी किया था। इसमें शैक्षणिक सत्र 2022-23 में स्कूल स्तर की प्रतिभाओं को चिन्हित कर प्रदेश स्तर तक मंच देने का निर्देश था। इसके लिए ब्लॉक, जिला, मंडल और प्रदेश स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन कराना था। उनके निर्देश भी बेअसर साबित हुए।
विभिन्न वर्ग में होती हैं खेल प्रतियोगिताएं
बेसिक शिक्षा विभाग ग्रामीण क्षेत्र के कबड्डी, खो-खो, एथलेटिक्स, योगा, नृत्य, पीटी/ विशेष प्रदर्शन, एकांकी, कुश्ती, दौड़, ऊंची कूद, लंबी कूद, गोला फेंक आदि खेलों में रुचि रखने वाले मेधावियों को विभिन्न स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित कराकर बेहतर मंच और पहचान देने का प्रयास करता है।
सारी मेहनत बेकार गई, बहुत दुख हो रहा है
प्राथमिक विद्यालय (इंग्लिश मीडियम) लामा के छात्र शिवम ने बताया कि उन्होंने बालक वर्ग में खो-खो में जिला स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। उनका चयन मंडल के लिए हुआ था। प्रतिदिन अभ्यास कर मंडल और प्रदेश स्तर में प्रतिभाग कर अपना और स्कूल का नाम रोशन करना चाहते थे। आज पता चला कि अब प्रदेश स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता लखनऊ में शुरू हो गई। मंडल में प्रतियोगिता आयोजित न होने से वह वंचित रह गए, सारी मेहनत बेकार गई, बहुत दु:ख हो रहा है।
जिला स्तर पर प्रथम आने पर माता पिता ने बढ़ाया था उत्साह
लामा प्राथमिक स्कूल की कक्षा 5 की छात्रा लक्ष्मी का कहना है कि जब बालिका वर्ग में जिला स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता में प्रथम स्थान आया था, तो माता-पिता बहुत खुश हुए थे। मंडल और प्रदेश स्तर की खेल कूद प्रतियोगिता को लेकर अभ्यास करने में अक्सर उत्साहित करते रहे, लेकिन मंडल स्तरीय प्रतियोगिता में प्रतियोगिता में प्रतिभाग न कर पाने का कष्ट है।
मैंने करीब एक माह पहले ही पदभार संभाला है। मंडल स्तरीय प्रतियोगिता पिछले वर्ष नवंबर में ही कराने के निर्देश थे। इस संबंध में बेसिक शिक्षा निदेशक ने एडी बेसिक के साथ ही बीएसए को भी पत्र भेजा था। नवंबर में मंडलीय प्रतियोगिता क्यों नहीं हुई, संबंधित अफसरों से जानकारी के बाद ही बता सकूंगा। -अरुण कुमार शुक्ल, मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक, चित्रकूटधाम मंडल।