नरैनी (बांदा)। भाजपा के शिक्षक विधायक महाविद्यालय की भूमि की श्रेणी बदलवाने के लिए चार साल से राजस्व विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। शनिवार को एसडीएम कार्यालय पहुंचे तो वहां पता चला कि फाइल ही गायब है। इस पर विधायक एसडीएम कक्ष में ही बैठ गए। उनका गुस्सा फूट पड़ा। कर्मचारियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई। कहा कि सब दारू और बालू की कमीशनबाजी में मस्त हैं। जब विधायकों के काम चार वर्ष में नहीं होते तो आमजन की स्थिति क्या होगी। वह यह मुद्दा विधान परिषद में उठाएंगे। विधायक के तेवर देखकर कार्यालय में मौजूद कर्मी वहां से खिसक लिए।
इलाहाबाद-झांसी स्नातक खंड से शिक्षक एमएलसी बाबूलाल तिवारी का कहना है कि उनका डॉ. बीआर आंबेडकर विधि महाविद्यालय संचालित हो रहा है। चार वर्ष पहले अकृषक भूमि घोषित कराने के लिए फाइल नरैनी तहसील में पेश की थी, जिससे भूमि को व्यावसायिक श्रेणी में घोषित किया जा सके और जमीन महाविद्यालय के कार्य में प्रयोग की जा सके। शनिवार को दोपहर वह तहसील पहुंचे तो उन्हें मौके पर कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं मिला।
लिपिक ने उन्हें बताया कि फाइल का पता नहीं हैं। इस पर विधायक का गुस्सा फूट पड़ा। एसडीएम को फोन किया तो उन्होंने बांदा में मीटिंग में होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। विधायक ने कर्मचारियों को जमकर खरी खोटी सुनाई। कहा कि जब प्रशासन उनके साथ यह बर्ताव कर रहा है तो आम आदमी का काम तो होता ही नहीं होगा। आरोप लगाए कि यहां जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। सरकार की छवि धूमिल हो रही है। बालू-दारू के कमीशन में सब मस्त है। वह यह मामला विधान परिषद में उठाकर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई कराएंगे। उधर, हंगामा होते देख कर्मचारी तहसील से खिसक गए। उधर, एसडीएम नरैनी विकास यादव ने विधायक के आरोपों को गलत बताते हुए कहा उनकी ऐसी कोई फाइल उनके पास पेंडिंग नहीं है।