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Banda News: 70 प्रकार की दवाएं नहीं, मर्ज को कैसे मात दें मरीज

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बांदा। जिले के आयुर्वेदिक अस्पतालों की हालत बेहद बद्तर है। अधिकतर अस्पताल दवाओं की कमी से जूझ रहे हैं। च्वयनप्रास और मूत्र रोग सहित लगभग 70 प्रकार की दवाएं नहीं हैं। बची-खुची दवाओं से आयुर्वेदिक अस्पताल चल रहे हैं। हालांकि विभागीय अधिकारियों का दावा है कि जल्द दवाओं की आपूर्ति हो जाएगी।
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ठंड में मरीज आयुर्वेदिक दवाओं पर जोर दे रहे हैं, लेकिन अस्पतालों में आने वाले मरीजों को आयुर्वेद दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। इससे उन्हें मायूसी हाथ लग रही है। सोमवार को पड़ताल में यह हकीकत सामने आई है। मंडी समिति परिसर में स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल में सिर्फ 30 प्रकार की दवाएं हैं। जबकि जरूरत 100 प्रकार की दवाओं की होती है। 70 से अधिक प्रकार की दवाएं न होने से मरीजों को बाहर से खरीदने की मजबूरी है। यहां रोजाना 30-40 मरीज इलाज को आते हैं।
जिले में लगभग 27 आयुर्वेदिक अस्पताल हैं। मौजूदा समय में सभी अस्पतालों में दवाओं की कमी है। मरीजों को ठंड से बचाव और इम्युनिटी के लिए काढ़ा मिल रहा है, लेकिन च्यवनप्रास नहीं मिल पा रहा।
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उन्हें बाजार से खरीदना पड़ रहा है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. नीरज सोनी ने बताया कि च्यवनप्रास नहीं है। मूत्र संबंधी रोगों की दवाएं भी खत्म हो चुकी हैं। इसके अलावा अन्य दवाएं भी नहीं हैं। गिनीचुनी दवाएं हैं उन्हीं के सहारे मरीजों का इलाज किया जा रहा है। दवाएं उपलब्ध कराने के लिए पत्राचार किया गया है। निदेशालय ने जल्द दवाओं की आपूर्ति का भरोसा दिलाया है।
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मरीजों का दर्द
कालूकुआं निवासी अरुण कुमार ने बताया कि कमजोरी लगने के साथ खांसी आ रही है। च्वयनप्रास लेने आए थे, लेकिन नहीं मिला। बताया गया कि च्वयनप्रास खत्म हो गया है। सिर्फ काढ़ा दिया गया।
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बबेरू रोड निवासी मुकेश श्रीवास ने बताया कि ठंड के चलते सर्दी की शिकायत है। कमजोरी भी लग रही है। सिर्फ बुखार की ही दवा मिल पाई। च्वयनप्रास आदि नहीं मिला। अस्पताल से जानकारी मिली कि च्वयनप्रास उपलब्ध नहीं है।
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इनसेट
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पांच लाख की दवाएं खरीदने की अनुमति
आयुर्वेदिक अस्पताल र्कप्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ.नीरज सोनी ने बताया कि दवाओं की कमी के बारे में प्रमुख सचिव को अवगत कराया गया है। प्रमुख सचिव ने बड़े अस्पतालों में पांच लाख रुपये तक और छोटे अस्पतालों के लिए दो लाख रुपये तक की दवाएं खरीदने की मंजूरी दी है। हालांकि दवाओं की आपूर्ति लखनऊ से होगी। अस्पताल में जो दवाएं नहीं हैं उससे संबंधित मांग- पत्र भेजा गया है।
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