बांदा। सर्दी से बीमार वृद्ध को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा बुखार के छह और डायरिया के तीन मरीजों को भी भर्ती कराया गया है। विशेषज्ञ डॉक्टर सर्द मौसम में सर्दी से बचने की सलाह दे रहे हैं। विशेषकर बच्चों और वृद्धों को विशेष एहतियात बरतने की जरूरत है।
जिला अस्पताल के ट्राॅमा सेंटर में सर्दी से नानामऊ बदौसा गांव निवासी छोटू (90) को सर्दी लगने की वजह से भर्ती कराया गया है। बुखार से जरैली कोठी निवासी रूही (छह माह) पुत्री सनी, हरदौली गांव निवासी हसनैन (30 माह), तिंदुही खन्ना, महोबा निवासी राजकुमारी (75), बरेदी का पुरवा निवासी चुन्नी (55), गुरेह जमालपुर गांव निवासी रिया (11), मलेहरा निवादा गांव निवासी वंदना (39) को भर्ती कराया गया है।
उधर, डायरिया से ग्रसित इचौली गांव निवासी चुनबाद (55), मनोहरी गंज निवासी शिव प्रसाद (65), छेहरांव गांव निवासी पृथ्वी पाल (85) को भर्ती कराया गया है। उधर, ट्रामा सेंटर में दिन भर पेट दर्द और सर्दी लगने की शिकायतों के मरीज पहुंचते रहे।
जिला अस्पताल के ट्राॅमा सेंटर में तैनात वरिष्ठ ईएमओ डॉ. विनीत सचान ने कहा कि सर्दी के मौसम में बच्चों और वृद्धों को विशेष एहतियात बरतने की जरूरत है। सर्द मौसम में बच्चों को ऊनी कपड़े पहनाना चाहिए, जिससे वह सर्दी से बच सके। इसके अलावा गांव देहात में रह रहे हैं तो आग का इंतजाम जरूर रखें। दाेपहर बाद स्नान करने से बचें। अगर किसी कारण वश स्नान करना पड़े तो आग जलाकर ताप लें।