बांदा। जिले के तीन गांवों में देव स्थानों पर पहाड़ पर खनन का भौतिक सत्यापन एनजीटी ने किया है। शिकायतकर्ता ने यहां मानक के विपरीत ब्लास्टिंग और खनन का आरोप लगाया था। टीम ने यहां संचालित क्रशर की भी जांच की।
गिरवां क्षेत्र के जरर गांव के अभिषेक शुक्ला ने एनजीटी से शिकायत की थी कि गिरवां, जरर और पतरहा गांवों के पहाड़ पर मानक के विपरीत ब्लास्टिंग की जाती है। चार इंच का होल कर पट्टाधारक किसी भी समय ब्लास्ट कर देते हैं। इससे क्षेत्र के लोगों के जान माल का खतरा है। इसी तरह क्रशर मालिक भी मानक के विपरीत गिट्टी तैयार कराते हैं। इसकी डस्ट से हजारों एकड़ जमीन बंजर हो रही है।
यह भी बताया था कि गिरवां में भूतेश्वर बाबा, जरर में शिव मंदिर व पतरहा में किशन गुरु बाबा के अति प्राचीन मंदिर हैं, जिन्हें खतरा बना हुआ है। इस शिकायत को लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राजेंद्र प्रसाद, अपर जिलाधिकारी उमाकांत त्रिपाठी, खनिज अधिकारी अर्जुन कुमार ने सभी क्रशर व पहाड़ों की शुक्रवार को जांच की थी। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से समस्या भी सुनीं। जरर में चार क्रशर चल रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने भौतिक सत्यापन किया है। शासन को अपनी रिपोर्ट भेजेंगे।