बांदा। परिषदीय विद्यालयों में सोमवार से नए शिक्षा सत्र की शुरुआत अव्यवस्थाओं के बीच हुई। शासन स्तर से पाठ्य पुस्तकें तो भेजी गई हैं, पर यह स्कूलों तक नहीं पहुंच सकीं। बच्चों को पुरानी कापी-किताबें लेकर पढ़ाई करनी पड़ी। वहीं कई विद्यालयों में बच्चे गिने-चुने रहे तो कहीं शिक्षक ही नहीं पहुंचे। शिक्षकों का कहना है कि किताबें तो आ गई हैं, पर यह सब बीआरसी व सीआरसी में रखी हैं।
जनपद में करीब साढ़े 13 सौ प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय सहित कंपोजिट विद्यालय संचालित हो रहे हैं। सोमवार को इन विद्यालयों में नए शिक्षण सत्र की शुरुआत हो गई। पहला दिन शिक्षकों के आपसी गपशप और बच्चों के खेल में बीता। कहीं-कहीं पढ़ाई की औपचारिकता की गई तो कहीं बेहद कम बच्चे पहुंचे। जनपद मुख्यालय से दूर स्थित विद्यालयों में तो शिक्षक भी नहीं पहुंचे और गए भी तो लेट-लतीफ। नए सत्र के हिसाब से विद्यालयों में कोई तैयारी नजर नहीं है। बच्चों के पास स्कूल और किताबें पुरानी ही नजर आईं। जबकि शासन ने पखवारा भर पहले ही किताबें जिले में भेज दी थीं। यह किताबें अभी नगर संसाधन शिक्षा केंद्र व ब्लाक संसाधन केंद्रों पर रखी हैं। यह विद्यालयों में नहीं भेजी गईं। बच्चे पुरानी किताब लेकर विद्यालय पहुंचे।