बांदा। विकास भवन में आयोजित कार्यशाला में ग्राम पंचायत सचिवों को नैनो यूरिया व डीएपी तरल के प्रति जागरूक किया गया। कहा कि यह सस्ती व कारगर है। लाने व ले जाने में सुविधाजनक। किसानों को इसके लिए प्रेरित किया जाए।
सीडीओ वेद प्रकाश मौर्य ने कहा कि किसान नैनों उर्वरकों का सही मात्रा में, सही समय पर, सही तरह से इस्तेमाल करें तो निश्चित की उत्पादन में इजाफा होगा। किसान चार मिली यूरिया प्रति लीटर पानी मे घोल कर धान की रोपाई के 30-35 दिन बाद कर सकते हैं। कहा कि दानेदार यूरिया व डीएपी में सरकार छूट देती है। जब कि नैनो डीएपी में कोई सब्सिडी नहीं है। इसका प्रयोग कर देश को आर्थिक रूप से मजबूत करने में सहयोग होगा। कहा कि नैनो यूरिया व डीएपी के इस्तेमाल से नैनो डीएपी की एक बोतल की कीमत 600 रुपये है, जबकि दानेदार एक बोरी डीएपी की कीमत 1350 है। यह सस्ती व कारगर है।
पंकज अग्रवाल अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक कहा कि सहकारी सोसायटी के न्यू एमेंडमेंट 2023 से व्यवसाय में सहकारी समितियों को अधिक से अधिक लाभ कैसे प्राप्त हो इस विषय पर विस्तार से प्लानिंग की जा रही है। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक राजेश चौधरी ने कहा कि नैनो यूरिया व नैनो डीएपी को किसानों की लागत कम करेगी। कल्याण सिंह अध्यक्ष केंद्रीय उपभोक्ता ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय का गठन हुआ है।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी एके सिंह ने नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी और इफको के जल विलेय उर्वरक से होने वाले फायदे के बारे में बताया। अतर्रा समिति के अध्यक्ष उदित नारायण द्विवेदी, जिला सहकारी बैंक सुरेश उमर अग्निहोत्री, क्षेत्र प्रबंधक चित्रकूट इफको राजवीर सिंह आदि सहित सचिव मौजूद रहे। क्षेत्रीय प्रबंधक प्रतीक कुमार ने कार्यक्रम का संचालन किया।