बांदा। कैंसर के इलाज के लिए रोबोट एसिस्टेड सर्जरी सिस्टम, प्रेसीजन मेडिकल ऑकोलॉजी और रेडिएशन थेरैपी में तमाम शोध करने वाले बांदा के छात्र मुजम्मिल खान का यूरोप के नीदरलैंड में रिसर्चर पद पर चयन हुआ है। वह सेंटर इंस्टीट्यूट में कैंसर के इलाज के लिए रोबोट विकसित करेंगे।
शहर के छावनी मोहल्ले में रहने वाले दिवंगत मशहूर शायर एहसान कुरैशी (आवारा बांदवी) की बेटी सालेहा कुरैशी के होनहार बेटे मुजम्मिल बांदा में ही पले बढ़े हैं। वर्ष 2019 में मद्रास आईआईटी से गेट की परीक्षा पास करने के बाद मौलाना आजाद विश्वविद्यालय, भोपाल से मैथमेटिक्स में पीएचडी की।
अपनी शिक्षा के दौरान मुजम्मिल ने कई शोध भी किए। जिस पर मध्य प्रदेश सरकार ने उन्हें कई अवार्ड दिए और 2022-23 में फेलोशिप प्रदान की। मुजम्मिल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई लेख और शोध पत्र प्रदर्शित किए। अब मुजम्मिल का चयन नीदरलैंड में रिसर्चर के पद पर हो गया है।
मुजम्मिल ने बताया कि नीदरलैंड के सेंटर इंस्टीट्यूट में 20 - 25 डॉक्टर हैं। इसी तरह हमारे ग्रुप में भी इतने ही डॉक्टर व रिसर्चर हैं। दोनों ग्रुप मिलकर कैंसर के बेहतर इलाज के लिए रोबोट विकसित करने का काम करेंगे। रोबोट के ज़रिए कैंसर का इलाज और सर्जरी बेहतर और सफलता पूर्वक हो सकेगी।