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Banda News: पालिका की कमाई 15 करोड़, खर्च 77 करोड़

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बांदा। अधिकारियों व कर्मचारियों के वेतन बात की हो या फिर सफाई, बिजली, सड़क सहित कोई अन्य व्यवस्था, नगर पालिका सिर्फ सरकार का मुंह ताकती है। नगर पालिका की वार्षिक आमदनी सिर्फ 15 करोड़ रुपये हैए जबकि वेतन,सफाई, वाहन, बिजली व विकास आदि में 77 करोड़ रुपये का खर्च है। पालिका अभी भी संसाधनों का रोना रो रही है। विज्ञापन, दुकानों का किराया व हाउस टैक्स आदि में आमदनी सीमित है। ऐसे में नगर क्षेत्र के 31 वार्डों का विकास भी सरकार के बजट के भरोसे है।
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नगर पालिका क्षेत्र का लगातार विस्तार हो रहा है और चौराहों का सुंदरीकरण भी कराया जा रहा है। इसके बावजूद कमाई में खास इजाफा नहीं हो पा रहा है। इसकी वजह है कि भवन कर वसूली में लापरवाही की जा रही है। वोटवैलेंस बिगड़ने की वजह से संबंधित कारोबारियों पर दबाव नहीं बनाया जा रहा है। पालिका के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस समय हाउस टैक्स से उसके पास सिर्फ 12 से 13 करोड़ रुपये आ रहा है। वहीं दुकानों का किराया बाबा आदम के जमाने का है। एक-एक दुकान से कहीं 100 को रहीं 200 रुपये किराया वसूला जाता है, जबकि निजी भवनों में एक कमरे का किराया दो से तीन हजार रुपये है।
शहर में करीब पांच हजार ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं, इनमें ज्यादातर का पंजीयन नहीं है। इससे इनसे सालाना सिर्फ 50 हजार रुपये आय होती है। डोर-टू-डोर यूजर चार्ज से साढ़े चार लाख व नकल फीस से आठ हजार रुपये आता है। होर्डिंग्स व बैनर का सालों से ठेका नहीं है। एक रसूखदार को बिना टेंडर के ही जिम्मेदारी दी गई है। वह खुद और अधिकारयों की जेब भरता है।
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सरकार से विभिन्न मदों से मिले 50 करोड़
बांदा। नगर पालिका में सरकार से सालाना विभिन्न मदों से करीब 50 करोड़ आते हैं। इसी से पालिका की गाड़ी चलती है। वेतन हो या सुविधा संसाधान या फिर सड़क व नालियों का काम पालिका सरकार पर ही आश्रित है। इस वर्ष राज्य वित्त से 29.46 करोड़, 15वां वित्त से 7.89 करोड़, स्वच्छ भारत मिशन से तीन लाख, विधायक निधि से 18.98 लाख व क्रिटिकल गैप मद से 14.93 लाख रुपये मिले हैं।

कार्यालय व सफाई कर्मियों के वेतन में खर्च होते 16 करोड़
बांदा। नगर पालिका में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों के वेतन पर सालाना 16 से 17 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। इसमें कार्यालय में तैनात कर्मचारियों को 2.47 करोड़ रुपये वेतन देना पड़ता है। जबकि स्थायी सफाई कर्मियों के वेतन में 3.75 करोड़ और आउट सोर्सिंग में तैनात कर्मियों को हर साल 5.32 करोड़ रुपये वेतन देना पड़ता है।

बढ़ाए जाएंगे संसाधन व आय
नगर पालिका की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। नामांकन का अभी तक 100 रुपये शुल्क था, जो अब एक हजार कर दिया गया है। चुनाव के बाद विज्ञापन का ठेका कराया जाएगा।-तेज बहादुर,कर अधीक्षक, नगर पालिका, बांदा
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