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Banda News: छलक उठीं मां की आंखें, भाइयों ने लगाया गले

Fri, 09 Jun 2023 12:27 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
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तिंदवारी। करीब 27 माह बाद पाकिस्तान की जेल से रिहा हुए रफीक के घर पहुंचने पर मां के आंसू छलक उठे। भाइयों ने उसे गले से लगा लिया।
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थाना क्षेत्र के जसईपुर गांव निवासी लल्लू खां का 30 वर्षीय पुत्र रफीक 19 मार्च 2021 को गुजरात के ओखा बंदरगाह में मछली का शिकार करते समय समुद्र में पाक सीमा में चला गया था। उसे पाक सैनिकों द्वारा पकड़ लिया गया था। उस समय उनकी नाव में छह मछुवारे सवार थे। सभी को पकड़ कर कराची की लांड्री जेल में रखा गया।
भारत सरकार की पहल पर पाक की लांड्री जेल से 27 माह बाद पहली जून को रिहा हुए रफीक ओखा (गुजरात) में कागजी कार्यवाही पूरी कर गुरुवार को दोपहर अपने घर जसईपुर गांव पहुंचा तो मां लिपट कर रो पड़ी। भाइयों ने रफीक को गले लगा लिया।
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रफीक ने बताया कि पानी में भारतीय और पाकिस्तान की कोई सीमा नहीं दिखाई पड़ती। मछली का शिकार करते समय उनकी नाव पानी में पाक सीमा में चले जाने पर पाक सैनिकों द्वारा पकड़ कर कराची ले जाया गया। वहां दो दिन लॉकअप में रखने के बाद लांड्री जेल में डाल दिया गया था।

रफीक ने बताया कि कराची की लांड्री जेल मेंथ भारतीयों के लिए चार बैरक बनीं हैं। जिसमें पकड़े गए 150 कैदियों को रखा जाता है। ज्यादा होने पर 180 भी हो जाते थे। वहां के हवलदार और सर्कल चीफ का व्यवहार अच्छा रहता था। भारतीय कैदी होली-दिवाली में जमकर जश्न मनाते थे। इसके लिए वह त्योहार में सभी बैरकों के कैदियों को एक होकर पर्व मनाने की छूट होती थी। पर्वों में मनचाहा पकवान बनाते थे। होलिका दहन समेत सभी पर्व भारतीय परंपराओं के मुताबिक मानते थे।
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तिंदवारी। रफीक ने बताया कि पाक के कराची की लांड्री जेल में मछली का शिकार करते समय पकड़े गए 266 कैदी बंद हैं, जिसमें से 100 को 17 जून को रिहा होने के आसार हैं। रफीक के मुताबिक तिंदवारी क्षेत्र के धौसड़ गांव निवासी लक्ष्मण और चंदबाबू व जसईपुर निवासी शैलेंद्र और जितेंद्र लांड्री जेल में बंद हैं।
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तिंदवारी। स्वयं के द्वारा बनाए गए माला, गिटार, चाबी के गुच्छे, तस्बी आदि तैयार कर लांड्री जेल में बेच देते थे। बनाने का सामान भी वहीं मिल जाता था। इससे मिले रुपयों से वह पहनने के कपड़े, साबुन, तेल व अन्य सामग्री खरीदते थे। रफीक वहां के स्वयं से बनाए माले, गिटार, पर्स यहां गांव भी लाया है।
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