बांदा। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में आवासों का निर्माण ‘नौ दिन चले अढ़ाई कोस’ की तर्ज पर चल रहा है। चालू वित्तीय वर्ष के आवासों की बात तो दूर पिछले वित्तीय वर्ष के 1900 आवास अधूरे पड़े हैं। तीसरी किस्त लेनेे के बाद भी लाभार्थी आवास निर्माण में रुचि नहीं ले रहे हैं। प्रशासन ऐसे लाभार्थियों के खिलाफ नोटिस जारी करने की तैयारी कर रहा है।
वित्तीय वर्ष 2022-23 में शासन ने 24,741 आवासों का लक्ष्य दिया था। विभागीय आंकड़ों की माने तो 22,841 आवासों का ही निर्माण पूरा हुआ है। 1900 आवास अभी भी अधूरे हैं। लाभार्थी आवास निर्माण में रुपये नहीं ले रहे है, जबकि लाभार्थियों को तीनों किस्तों के 1.20 लाख रुपये दिए जा चुके हैं। सबसे खराब स्थिति विकास खंड महुआ की है, यहां पर स्वीकृत 4249 आवासों में 548 आवास अधूरे पड़े हैं। दूसरे नंबर पर बिसंडा है, यहां पर 3154 में 264, तीसरे नंबर में नरैनी यहां 4849 आवासों में 2 56 अधूरे हैं।
कमोवेश यहीं स्थिति चालू वित्तीय वर्ष 2023-24 की है। जिले को 17,023 आवासों का लक्ष्य मिला। शत प्रतिशत आवास स्वीकृत किए गए। चालू वित्तीय वर्ष समाप्त होने को है, लेकिन अभी तक 8,117 आवास ही पूर्ण हो सके हैं। करीब नौ हजार पीएम आवास अधूरे हैं।
वर्ष 2022-23 के पीएम आवासों की स्थिति
ब्लाॅक स्वीकृत निर्मित अधूरे
बबेरू 2224 2046 138
बडोखर 2657 2456 201
बिसंडा 3154 2890 264
जसपुरा 1480 1349 131
कमासिन 3311 3191 120
महुआ 4278 3730 548
नरैनी 4849 4593 256
तिंदवारी 3788 2546 242
योग- 24741 22841 1900
वर्ष 2023-24 के पीएम आवासों की स्थिति
ब्लाक स्वीकृत निर्मित अधूरे
बबेरू 814 519 295
बडोखर 1195 697 498
बिसंडा 2528 1125 1403
जसपुरा 2056 1031 1025
कमासिन 1961 953 1008
महुआ 2266 967 1289
नरैनी 4766 2251 2515
तिंदवारी 1447 634 812
योग- 17023 8177 8846
इन्हें अभी नहीं मिली किस्त
एक ओर जहां कुछ लाभार्थी किस्त लेने के बाद भी आवास नहीं बनवा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई ऐसे लाभार्थी हैं, जो किस्तों का इंतजार कर रहे हैं। महोतरा के रामजियावन का कहना है कि वर्ष 2023-24 में आवास स्वीकृत हुआ था। पहली ही किस्त मिली है, जिससे मकान का निर्माण नहीं हो पा रहा है।
इसी तरह गंगापुरवा के सीताराम का कहना है कि 2022-23 में आवास स्वीकृत हुआ था। द्वितीय किस्त का लाभ मिला है। मकान स्लैब स्तर तक बन गया। तीसरी किश्त मिले तो बने।
मंडलायुक्त के संज्ञान में मामला
अधूरे आवासों के मामले को मंडलायुक्त बालकृष्ण त्रिपाठी ने भी गंभीरता से लिया है। हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में उन्होंने निर्माण कार्य की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए थे।
आवासों के निर्माण में तेजी लाने के लिए समय-समय बीडीओ को निर्देश दिए जाते हैं। जल्द समीक्षा कर कार्रवाई की जाएगी। सभी किस्तें लेने के बाद भी हीलाहवाली करने वाले लाभार्थियों के मामलों की जांच कराकर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -प्रवीण कुमार, परियोजना निदेशक, ग्राम्य विकास विभाग, बांदा