बांदा/नरैनी। दो माह से लापता चरवाहे का नर कंकाल जंगल में पड़ा मिला। उसके गले में बंधी रस्सी पेड़ में फंसी थी। लकड़ी काटने गई गांव की एक महिला ने कंकाल देखा तो कपड़ों से पहचान कर उसके परिजनों को सूचना दी। परिजनों व पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कंकाल को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है।
नरैनी कोतवाली क्षेत्र के करतल गांव निवासी सोनू यादव (23) का नरकंकाल बुधवार को दोपहर करतल से करीब तीन किलोमीटर दूर जंगल में एक जंगली पेड़ के सहारे गले में रस्सी से फंदा लगाए मिला। शव का मांस गल चुका था।
सिर्फ हड्डियां ही शेष रह गईं थीं। गांव की एक महिला जंगल में लकड़ी काटने गई थी। उसने नर कंकाल को देखा तो कपड़ों से पहचान कर उसके परिजनों को बताया। सूचना पर परिजन भी मौके पर पहुंच गए।
घटना के संबंध में सोनू के भतीजे श्याम सुंदर ने बताया कि सोनू गांव में रहकर भैंस चराने का काम करता था। वह करीब दो माह पहले घर से कहीं निकल गया था। उसकी तलाश की जा रही थी। वह दिमाग से भी कमजोर था। उसकी गुमशुदगी भी उन्होंने करतल चौकी पुलिस को दर्ज कराई थी। मृतक तीन भाइयों में सबसे छोटा था।
सबसे बड़े भाई रामकेश की पांच साल पहले बीमारी से मौत हो चुकी है। परिजनों ने किसी भी तरह की कोई आशंका नहीं जताई है। घटना के संबंध में नरैनी कोतवाल अरविंद सिंह ने बताया कि परिजनों ने कंकाल से शिनाख्त की है।