सात दिन में पांच डिग्री चढ़ा पारा, झुलसने लगीं फसलें
- सिंचाई में देरी की तो 25 फीसदी तक घट सकती है पैदावार
- फसलों के लिए 30 डिग्री होना चाहिए पारा, 35 पर पहुंचा
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। पिछले सात दिन में पांच डिग्री पारा चढ़ गया है। इससे 25 फीसदी तक पैदावार घटने की आशंका है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय फसलों के लिए अधिकतम तापमान 30 डिग्री से ज्यादा नहीं होना चाहिए। जबकि पारा 35 डिग्री तक पहुंच गया है। ऐसे में फसलों की सिंचाई समय से नहीं करने पर किसानों को नुकसान हो सकता है।
न्यूनतम तापमान भी तेजी से बढ़ रहा है। 15 डिग्री सेल्सियस के ईद गिर्द मंडरा रहा न्यूनतम पारा सोमवार रात 17 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यही हाल रहा तो बुंदेलखंड के किसानों को उत्पादन घटने से रोकने के लिए फसलों की सिंचाई के लिए ज्यादा पानी की जरूरत होगी। खेतों से नमी गायब होने पर उत्पादन करीब 20 से 25 फीसदी तक घट सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण तापमान लगातार बढ़ रहा है। बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डाॅ. दिनेश साहा ने बताया कि करीब 10 दिनों में आठ डिग्री से ज्यादा अधिकतम और पांच डिग्री सेल्सियस से ज्यादा न्यूनतम पारा बढ़ा है। अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री ज्यादा है। यही हाल रहा तो बढ़ते तापमान का फसलों का बुरा प्रभाव पड़ेगा।
फरवरी में अधिकतम तापमान का ब्योरा (डिग्री सेल्सियस में)
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दिनांक 2021 2022 2023
15 फरवरी 27.0 27.5 30.5
16 फरवरी 29.0 26.5 30.0
17 फरवरी 30.0 26.8 31.0
18 फरवरी 29.5 27.0 31.5
19 फरवरी 27.5 29.2 32.0
20 फरवरी 28.0 27.5 32.5
21 फरवरी 29.0 30.0 35.0
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इस साल बोई गईं फसलों का ब्योरा (हेक्टेयर में)
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फसल रकबा
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गेहूं 1,52,474
राई/सरसों 3047
जौ 1037
चना 95,493
मटर 3126
मसूर 41,832
अलसी 4562
नमी कम होते ही किसान करें सिंचाई
बांदा। कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विभागाध्यक्ष डाॅ. बीके गुप्ता ने बताया कि फरवरी माह में तापमान के तल्ख तेवर फसलों के लिए मुफीद नहीं है। देरी से बोई गईं फसलें ज्यादा प्रभावित होंगी। सिंचाई की जरूरत पड़ेगी। फसलों में नमी गायब होने पर किसानों को तुरंत सिंचाई करनी होगी। मसलन 3-4 दिनों में पानी की जरूरत पड़ेगी। तापमान बढ़ने से दाना सिकुड़ जाएगा। साइज छोटा होने के साथ वजन घटेगा। परिपक्व दाने के लिए किसानों को खेत की सिंचाई करना होगी।