अतर्रा। उत्तराखंड में देहरादून के डोईवाला में मां, पत्नी और तीन बच्चों को मौत के घाट उतारने वाले महेश को लेकर क्षेत्र में दिनभर चर्चा का बाजार गर्म रहा। महेश के करीबी रिश्तेदारों ने पूरा दिन किसी से कोई मुलाकात नहीं की। मोहल्ले वालों ने भी उनसे दूरी बनाए रखी। उसके बारे में कोई कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। उधर, आरोपी के अन्य भाई रिश्तेदारों से फोन पर घटना को लेकर अफसोस और महेश की करतूत पर गहरी नाराजगी जता रहे हैं। कहा कि वह शैतान है, उसकी बात मत करो।
भागवत नगर में महेश और उसका परिवार लगभग ढाई दशक से रह रहा था। छह साल पूर्व वह परिवार को लेकर उत्तराखंड चला गया। यहां उसके साले आदि रह रहे हैं। मंगलवार को परिवार के पांच सदस्यों की हत्या के बाद सुर्खियों में आए महेश को लेकर क्षेत्र के अलावा जिले में भी चर्चा का विषय रहा।
नाम न छापने की शर्त पर मोहल्ले के एक बुजुर्ग ने कहा कि सोचा था कि उत्तराखंड जाकर महेश के व्यवहार में बदलाव आएगा। लेकिन उसके इस कृत्य से जाहिर हो गया कि महेश शैतान है। उधर, हत्यारोपी महेश के मामा अधिवक्ता संतोष द्विवेदी घटना से बेहद दुखी हैं। दिनभर वह किसी से नहीं मिले। गौरतलब है कि महेश ने अपनी मां बिट्टन, पत्नी नीतू व पुत्रियां अर्पणा, स्वर्णा व अन्नपूर्णा की गला रेतकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।