बांदा। बालू माफिया प्रदेश सरकार को दोनों हाथों से लूट रहे हैं। एक तो अवैध खनन कर बड़े पैमाने पर रायल्टी की चोरी कर रहे, दूसरा एमपी से लाई जा रही बालू पर वाणिज्य कर नहीं अदा कर रहे।
ओवरलोडिंग से करोड़ों रुपये की लागत वाली सड़कें ध्वस्त हो रही हैं सो अलग। एनजीटी और हाईकोर्ट के आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इन पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारी लेने वाले राजस्व, सेल्स टैक्स, खनिज और विभाग ने चुप्पी साध रखी है।
हाईकोर्ट ने इन दिनों बांदा जिले में बालू खनन पर पूरी तरह रोक लगा रखी है, लेकिन चोरी छिपे अवैध खनन जारी है। बालू की चोरी रात को ज्यादा हो रही है। चिल्ला, मदनपुर, खप्टिहा, पैलानी, कनवारा, गिरवां, नरैनी आदि क्षेत्रों में अवैध खनन हो रहे हैं।
इसमें पुलिस और खनिज विभाग की भी मिलीभगत है। उधर, नरैनी क्षेत्र के स्योढ़ा गांव के उस पार मध्य प्रदेश के कन्हैला और कुरधना घाटों का ठेका झांसी के बालू माफिया ने हथिया रखा है। इनके तार शासन तक से जुड़े हैं।
एमपी के घाटों से रात-दिन ओवरलोड ट्रक केन नदी पर स्योढ़ा घाट में बने पुल से गुजर रहे हैं। ये गिरवां थाना के सामने से रात दिन गुजरते हैं। इससे सड़कें ध्वस्त हो चुकी हैं। पुल को भी खतरा हो गया है। रोजाना बड़ी संख्या में एमपी से यूपी आ रहे इन ट्रकों से वाणिज्य कर भी नहीं वसूला जा रहा है।
इससे सरकार को लाखों रुपये का चूना लग रहा है। सेल्स टैक्स का सचल दल विभाग भी चुप्पी साधे है। लोगों का यह भी कहना है कि विभाग के अधिकारी बालू के ट्रकोें से वसूली कर रहे हैं।
अवैध बालू पर 40 फीसदी का है जुर्माना
बांदा। मध्य प्रदेश की बालू यूपी में बेंचकर रोजाना लाखों रुपये वाणिज्य कर चोरी के मामले में वाणिज्य कर के ज्वाइंट कमिश्नर रामबाबू गौड़ का कहना है कि चेकिंग और धर पकड़ की जाती है। हाल ही में हमीरपुर में 70 और चित्रकूट में बालू का एक ट्रक पकड़ा था।
बताया कि जिन व्यापारियों के पास फार्म-38 नहीं होता, उनके वाहन अवैध होते हैं। पकड़े जाने पर ऐसे लोगों से 40 फीसदी पेनाल्टी ली जाती है। यदि फार्म-38 है तो कुल खर्च का पांच फीसदी वाणिज्य कर लगता है।
ज्वाइंट कमिश्नर इस बात का जवाब नहीं दे सके कि बालू के अवैध वाहनों से कितना जुर्माना वसूला गया? वे यह भी नहीं बता पाए कि बांदा मेें बालू के ट्रक क्यों नहीं पकड़े गए? हैरत की बात यह है कि वाणिज्य कर विभाग को बांदा में एक भी बालू का अवैध ट्रक नहीं मिला, जबकि रोजाना रात-दिन बालू लदे ट्रकों की लाइन लगी रहती है।
अवैध खनन रोकने के लिए पुलिस का पहरा
नरैनी। अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस खदानों के रास्तों पर पहरा देने लगी है। लहुरेटा, बिल्हरका और गौरशिवपुर गांवों के पास स्थित बालू घाटों के रास्तों पर रोजाना रात को पुलिस और पीएसी लगाई जा रही है।
कोतवाली प्रभारी केएन सिंह ने बताया कि लहुरेटा और नदी घाट के बीच, गौरशिवपुर में नहर पुल के पास और करतल-बिल्हरका रोड पर पुलिया के पास रात में पुलिस तैनात की है। क्षेत्राधिकारी के साथ कोतवाली प्रभारी भी गश्त करते हैं। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि बालू खदानों के रास्तों पर जेसीबी से खाई खुदवा दी गई है ताकि वाहन न पहुंच पाएं।