मृतक कृष्ण बहादुर का फाइल फोटो।
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बांदा। पेशे से वकील और किसान ने कर्ज के तनाव मेें फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में ले लिया है। मृतक पर बैंक का छह लाख और कुछ साहूकारों का भी कर्ज बताया गया है। शहर के स्वराज कालोनी में गली नंबर 10 के रहने वाले अधिवक्ता कृष्ण बहादुर सिंह उर्फ पप्पू (38) पुत्र रजोला सिंह ने सोमवार को शाम घर में सूना मौका पाकर छत के क्लैंप में रस्सी बांधकर फांसी लगा ली। पत्नी अंजू सिंह और बहन गुड़िया बाजार गई थीं। दो पुत्र नौ वर्षीय आदी और सात वर्षीय अंश घर में खेल रहे थे। मृतक के मामा अधिवक्ता जयकरन सिंह ने बताया कि पत्नी व बहन को बाजार तक छोड़ने कृष्ण बहादुर ही गया था। कुछ देर बाद बच्चों ने बंद कमरे का दरवाजा खुलवाना चाहा तो नहीं खुला। खिड़की से झांककर देखा तो कृष्ण बहादुर फांसी पर लटके दिखे। बच्चों ने पड़ोसियों को सूचना दी। इस बीच खबर पाकर पुलिस भी आ गई। दरवाजा तुड़वाकर शव को बाहर निकाला गया। मामा जयकरन ने बताया कि तीन भाइयों के बीच मृतक को बंटवारे में 25 बीघा जमीन मिली थी। तुलसी ग्रामीण बैंक और कोआपरेटिव बैंक का 6 लाख रुपये कर्ज था। दो साल से फसल भी नहीं हुई थी। इससे कृष्ण बहादुर लगातार परेशान रहते थे। उनकी आमदनी का मुख्य जरिया खेती ही था। मूलरूप से वह तिंदवारी क्षेत्र के महुई गांव के रहने वाले थे। खबर फैलते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता व अन्य मृतक के घर सांत्वना देने पहुंचने लगे। देर रात तक यह सिलसिला जारी था।